मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए।
राजौंद। गांवों में सभाओं का आयोजन किया गया। सीटू के जिला सचिव नरेश रोहेड़ा ने कहा कि मनरेगा से जुड़े मजदूरों के साथ किसी भी प्रकार का छल-कपट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नरेगा संघर्ष मोर्चा तालमेल कमेटी के राष्ट्रीय सत्र में लिए गए निर्णय के तहत 15 मई को जिले के अनेक गांवों में मजदूरों ने एकत्रित होकर सभाएं कीं और सरपंचों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे। मजदूरों ने मनरेगा को सुचारू रूप से लागू करने, वीबीजी नियमों को रद्द करने, 200 दिन का रोजगार सुनिश्चित करने और प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी निर्धारित करने की मांग उठाई। इस दौरान रोहेड़ा, गुलियाना, तारागढ़, कसाना, देबन, तितरम, सहारण, पाडला, खुराना, सिंगरौली, खनौदा, मुदड़ी, रामना, रमानी, नीमवाला सहित कई गांवों में सभाएं आयोजित की गईं। मजदूर नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती और मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध नहीं करवाया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर कमला देवी रोहेड़ा, महेंद्र गुलियाना, धर्मपाल तारागढ़, चांदीराम कसाना, राजेश आदि मौजूद रहे।
मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए।