यहां जमीन की खरीद-फरोख्त में 52 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में बिशनगढ़ गामड़ी निवासी जंगबहादुर ने बताया कि उसे व अर्नव मेहता को कुछ व्यवसाय शुरू करने के लिये कैथल शहर से कुछ दूर जमीन की आवश्यकता थी और इस बारे में गोहरां निवासी जरनैल सिंह को पता चल गया। क्योंकि उसके साथ जरनैल सिंह के अच्छे संबंध थे। जरनैल सिंह ने उसे कहा कि उसकी सीवन में कुछ जमीन पड़ी है, जिसकी मलकीयत वक्फ बोर्ड की है और कब्जा उसका है। वह उन्हें कब्जा देकर वक्फ बोर्ड से जमीन ट्रांसफर करवा देगा। उसका अरनव मेहता व आरोपी जरनैल सिंह क ेसाथ इस जमीन का 60 लाख रुपये में सौदा हो गया। 14 नवंबर 2018 को इकरारनामा लिखा गया व उसी दिन अरनव मेहता ने दोषी आरोपी को 25 लाख रुपये बतौर बयाना अपने घर बिशनगढ़ कालोनी कैथल पर बैठकर दे दिए। जिस बारे इकरारनामा व रसीद अर्जन नवीस कालड़ा के पास लिखी गयी। इसके बाद 6 दिसंबर 2018 को आरोपी जरनैल सिंह ने उसके लड़के पालाराम के पास से कुछ पैसे ओर ले लिए और कुल 27 लाख रुपये लेकर पालाराम के स्कूल मून लाइट प्रताप गेट कैथल में बैठकर एक रसीद बाबत 27 लाख रुपये पालाराम व अरनव मेहता के हक में लिख दी। इसके बाद जमीन के मालिकाना हक की ट्रांसफर के लिए 11 फरवरी 2019 की तिथि निर्धारित की गई। जिसे बढ़ाकर 30 अप्रैल भी किया गया, लेकिन आरोपी ने उक्त भूमि 41 कनाल 19 मरला प्रार्थी व अरनव मेहता के नाम ट्रांसफर नही करवाई। इसके बाद जब वे आरोपी के कहने पर वहां कब्जा लेने के लिए गए तो वहां खेड़ी गुलाम अली निवासी हरदीप सिंह बैठा हुआ मिला। उसने उन्हें कहा कि उसने यह जमीन खरीद ली है। उसने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इस तरह से आरोपी ने उन्हें करीब 52 लाख रुपये की धोखाधड़ी करके धोखा दिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।