Iसंवाद न्यूज एजेंसी
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Iकैथल। भिवानी डिपो से कैथल डिपो को चार पुरानी बीएस-4 बसें आवंटित की गई हैं, जो निरीक्षण के बाद मंगलवार को कैथल पहुंचीं। डिपो के तकनीकी दल ने बसों की स्थिति का निरीक्षण किया था, जिसके बाद इन्हें कैथल बस स्टैंड लाया गया। अधिकारियों के अनुसार भिवानी से आई बसों की हालत संतोषजनक है और सभी बसें आज से अपने निर्धारित रूटों पर चलना शुरू कर देंगी।
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Iइससे पहले भी पलवल, भिवानी, झज्जर, पानीपत और रोहतक डिपो से 74 पुरानी बसें कैथल को मिल चुकी हैं। इनमें झज्जर डिपो से आई बसों की हालत सबसे खराब पाई गई थी, जबकि अन्य बसें अपेक्षाकृत ठीक थीं। डिपो कर्मचारियों ने पुरानी बसों की मरम्मत कर उन्हें लोकल रूटों पर संचालन हेतु तैयार किया है।
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Iयात्री बोले ः यात्री रामनिवास और सुभाष ने बताया कि पुरानी बसों की क्लच प्लेट व इंजन अक्सर खराब हो जाते हैं, जिससे यात्रा में देरी होती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नई बसें खरीदी जाएं ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
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Iपुरानी के बजाय नई बसें भेजी जाएं
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Iडिपो कर्मचारी संदीप और कृष्ण ने कहा कि पुरानी बसें लगातार खराब हो रही हैं और बीच रास्ते बंद पड़ जाती हैं। इससे चालक, परिचालक और यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई बसें तो अब सड़क पर चलने लायक भी नहीं रहीं। उन्होंने कहा कि अब डिपो को नई बसें आवंटित की जानी चाहिए।I
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Iएनसीआर क्षेत्र में 10 वर्ष पुरानी बसों पर प्रतिबंध
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Iराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 10 वर्ष पुरानी बसों के संचालन पर प्रतिबंध है, जिसके चलते हटाई गई बसें कैथल भेजी जा रही हैं। हालांकि पुरानी बसें अक्सर बीच रास्ते बंद हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। वर्तमान में कैथल डिपो के पास कुल 250 बसें हैं, जिनमें 203 चल रही हैं, जबकि 23 बसें लीज पर हैं। डिपो को अभी भी 47 नई बसों की जरूरत है।I
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Iअब तक 75 बसें दूसरे जिलों से आ चुकीं
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Iअब तक कैथल डिपो को अलग-अलग जिलों से कुल 75 पुरानी बसें मिल चुकी हैं ः-
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Iपलवल
9
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Iभिवानी
11 (अब 15)
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Iझज्जर
14
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Iरेवाड़ी 12
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Iपानीपत
9
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Iरोहतक
20I
Iअधिकतर बसें बीएस-3 और बीएस-4 मॉडल की हैं, जिन्हें केवल लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है। लंबी दूरी के लिए इन्हें उपयुक्त नहीं माना जा रहा।I
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Iभिवानी डिपो से चार बसें आ चुकी हैं और उनकी स्थिति अच्छी है। निरीक्षण के बाद इन्हें कैथल लाया गया है। बसों को जल्द रूट पर उतारा जाएगा। यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए अलग से बस सुविधा उपलब्ध है। -अनिल कुमार,
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I वर्कशॉप मैनेजरI