संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। खड़ी स्टार्ट कार में अचानक से आग लग जाने के कारण कार में बैठे व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव बालू के गादड़ा पट्टी के पूर्व सरपंच रमेश कुमार के रूप में हुई। जिस समय हादसा हुआ, कार बस स्टैंड के पीछे एक पौधे के नीचे खड़ी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आल्टो के-10 कार में सवार अपनी गाड़ी रोककर या तो किसी से फोन पर बात कर रहा था या फिर किसी का इंतजार कर रहा था। गाड़ी स्टार्ट थी और उसका एसी चल रहा था। अचानक गाड़ी में आग लग गई और कार चालक ने कार से बाहर निकलने के लिए खिडक़ी भी खोलनी चाही, लेकिन खिडक़ी पर वृक्ष की रुकावट होने के कारण से खिड़की खुल नहीं सकी। कुछ ही सेकेंड में कार धूं-धूं करके जलने लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तत्काल ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी और पुलिस मौके पर पहुंच गई। अग्निशमन गाड़ी ने कार की आग पर काबू किया और गाड़ी के शीशे तोड़कर कंकाल बन चुके शव को बाहर निकाला गया।
पुलिस थाना प्रभारी रामनिवास ने बताया कि चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए कैथल भिजवाया गया है। घटना की सूचना गांव में पहुंची तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन व गांव के लोग रोते बिलखते कलायत दुर्घटना स्थल के लिए भागे। वर्ष 2016 में हुए चुनाव के बाद पिछले प्लान में रमेश गांव बालू गादड़ा पट्टी के सरपंच रहे थे। उनके एक बेटी व दो बेटे हैं और बेटी की शादी हो चुकी है।
हल्की क्वालिटी के सीएनजी किट और एक्सेसरीज बन
रहे दुर्घटना का कारण
निशीकांत शर्मा
कलायत। हल्की क्वालिटी के सीएनजी किट व एक्सेसरीज दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। यही नहीं विशेषज्ञों ने हल्की क्वालिटी के सीएनजी किट को बम की संज्ञा भी दी है।
मारुति कंपनी में सीजीएम के पद पर सेवाएं दे रहे ललित तनेजा ने बताया कि गाडि़यों में ओपन मार्केट से लगवाए जाने वाले सीएनजी किट व एक्सेसरीज दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण हैं। जो किट कंपनी फिटेड होती है, वह गाड़ी की क्षमता के मानकों पर पूरी उतरती है और पूरी तरह से सेफ होती है।
उन्होंने कहा कि जो किट बाहर बाजार से लगती है, वे ठीक नहीं होती। मिस्त्री को नहीं पता कि गाड़ी में कितने वोल्ट क्षमता का तार लगा है और जो सिस्टम लगाया है वह कितने वोल्ट का है। कार में आग लगने का मुख्य कारण स्पार्किंग ही है।
दरअसल, आग लगने से पावर विंडो ब्लॉक हो जाती हैं। हुंडई में जीएम रोहित कालड़ा का भी मानना है कि जो हादसे कारों में आग के हो रहे हैं उनके पीछे स्पार्किंग ही मुख्य कारण होता है। उन्होंने बताया कि इस गर्मी के समय में गाड़ी का टैंक फुल नहीं भरवाना चाहिए। जुगाड़ किटें भी खतरनाक हो सकती हैं। संवाद