अनाज मंडी पूंडरी में हैफेड और डीएफएससी द्वारा धान की खरीद करते 18 दिन बीत गए हैं। दोनों एजेंसियों ने लगभग 68 करोड़ रुपये का धान भी खरीद कर लिया है, लेकिन आज तक एक खरीद कि भी पेमेंट नहीं की है। जिससे किसानों व आढ़तियों में सरकार के प्रति काफी रोष है। मंडी में आढ़तियों को भी अभी तक ये पता नहीं है कि पेमेंट आढ़ती के खाते में जाएगी या किसान के। भुगतान न होने के रोष स्वरूप मंडी में फुडग्रेन डीलर एसोसिएशन के प्रधान ध्यानचंद की अध्यक्षता में आढ़तियों ने रोष प्रकट कर कहा कि सरकार दावा करती है कि 72 घंटे के अंदर किसानों की फसल की पेमेंट कर दी जाएगी। खरीद एजेंसियों द्वारा 30 सितंबर से मंडी से धान की खरीद शुरू कर दी गई थी, लेकिन आज 18 दिन बीत जाने के बाद भी पहली खरीद की भी पेमेंट नहीं की गई है। आढ़तियों को जब गेहूं के सीजन में किसान की पेमेंट डालने में एक दिन की भी देरी हो जाती है तो उनसे ब्याज काट लिया जाता है, ऐसे में अब क्या सरकार किसानों व आढ़तियों को लेट पेमेंट का ब्याज अदा करेगी। लेट पेमेंट करके सरकार के अधिकारी किसान व व्यापारी को पूंजी के ब्याज के रूप में चूना लगाने का काम कर रहे है। मंडी में पीआर धान के लगभग 3.58 लाख क्विंटल धान दोनों एजेंसियों द्वारा खरीद किया जा चुका है, जिसकी लगभग 68 करोड़ रुपये पेमेंट एजेंसियों की तरफ बनती है। जिसमें से हैफेड की तरफ लगभग 35 करोड़ व डीएफएससी की तरफ 33 करोड़ रुपये पेमेंट है। प्रधान ने कहा कि अगर एजेंसियों द्वारा शीघ्र पेमेंट नहीं की जाती है तो आढ़ती किसानों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।