कैथल। उपायुक्त अपराजिता ने कहा कि सभी विभागों और संस्थानों में महिला यौन उत्पीड़न समिति के माध्यम से शिकायतों की सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी महिला को कार्यस्थल पर किसी प्रकार की परेशानी है, तो शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभागों, सरकारी व निजी संस्थानों, विद्यालयों, कॉलेजों और कार्यालयों में महिला यौन उत्पीड़न समितियों का गठन अनिवार्य है। डीसी ने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण के लिए पीओएसएच अधिनियम लागू है। इस कानून के तहत प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति का गठन आवश्यक है, जो शिकायतों की निष्पक्ष जांच, समयबद्ध कार्रवाई और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करेगी। संवाद