कैथल। कामयाबी उन्हीं को मिलती है जिनके हौसले बुलंद होते हैं। प्रत्येक खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य को पाने के लिए चाहे जीवन में कितना भी संघर्ष क्यों ना करना पड़े। उसे अपने क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए भरसक प्रयास करते रहना चाहिए।
राजकीय कन्या विद्यालय स्थित महिला फुटबॉल की नर्सरी में खिलाड़ियों को यही सीख दी जाती है। इसी का नतीजा है कि यहां की कई खिलाड़ी अपनी मेहनत के बलबूते पर विभिन्न राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर लगभग 50 के करीब पदक जीत चुकीं है और अपने देश व माता पिता का नाम रोशन कर रहीं हैं। अपने खेल के दम पर आज आठ महिला खिलाड़ी सरकारी नौकरियों पर कार्यरत हैं। इनमें पूनम, बलविंद्र कौर, रितु, पिंकी, पूनम, प्रवीन, नितु, पूनम शामिल हैं। खेल नर्सरी को विशेष सहयोग करने वालों कर्म सिंह गिल आदि लोग शामिल हैं।
गांव मानस में राजकीय कन्या विद्यालय में वर्ष 2018 से महिला फुटबॉल की नर्सरी संचालित है। जिसमें राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर लगभग 50 के करीब पदक जीत चुकी हैं।
कोच सचिन बेलवाल ने बताया कि वह इस नर्सरी में वर्ष 2020 से निरंतर अपनी सेवाएं दे रहा हुं। महिला फुटबॉल नर्सरी में वैसे ता 25 खिलाड़ी हैं पर इसके अलावा 50 अन्य खिलाड़ी भी यहां अभ्यास करती हैं। नर्सरी में अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग की महिला खिलाड़ी हैं। जिसमें खिलाड़ियों को सुबह दो घंटे व शाम को तीन घंटे अभ्यास करवाया जाता है। अधिकतर खिलाड़ी मध्यम वर्ग की है।
सभी खिलाड़ी मैदान में कठिन अभ्यास करती है। उन सभी का सपना हैं की देश के लिए खेल कर पदक जीतें और अपने गांव मां बाप का नाम रोशन करें और सरकारी नौकरियां प्राप्त कर सके।
नर्सरी की विभिन्न खिलाड़ियों की उपलब्धियां
खिलाड़ी रितू बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। उसने वर्ष 2023 में राष्ट्रीय खेलों में कांस्य पदक जीता व इसी वर्ष जनवरी में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेकर रजत पदक जीता।
खिलाड़ी तन्नू स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा है। उसने भी वर्ष 2023 में राष्ट्रीय खेलों में कांस्य पदक जीता व सीनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेकर रजत पदक जीता था।
खिलाड़ी बलविंदर कौर भी द्वितीय वर्ष की छात्रा है। उसने इसी वर्ष जनवरी में सीनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेकर रजत पदक जीत चुकी हैं।
खिलाड़ी नैंसी 12वीं कक्षा की छात्रा है। उसने वर्ष 2023 में अंडर 19 में स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर कांस्य पदक जीता। वह सफलता के लिए मेहनत कर रही हैं।