संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के गांव ग्योंग मूल निवासी और वर्तमान में कैथल की भगत सिंह कॉलोनी में रहने वाले 18 वर्षीय युवा फुटबॉल खिलाड़ी अभिषेक ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। अभिषेक वर्तमान में एनआईएलएलएम विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं और बचपन से ही खेलों के प्रति समर्पित रहे हैं। उनके पिता गुरदेव सिंह हरियाणा पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। परिवार में उनका एक छोटा भाई भी है।
अभिषेक की उपलब्धियों से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता के पीछे माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिता गुरदेव सिंह ने पुलिस विभाग में व्यस्त जिम्मेदारियों के बावजूद अपने बेटे को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया। अभिषेक अपने पिता को अपना आदर्श मानते हैं और कहते हैं कि उनके अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से उन्हें निरंतर प्रेरणा मिलती है।
12 साल की उम्र से शुरू किया अभ्यास
अभिषेक ने मात्र 12 वर्ष की आयु में ही फुटबॉल खेलना शुरू कर दिया था। शुरुआत से ही उनका लक्ष्य बड़ा खिलाड़ी बनकर देश का नाम रोशन करना रहा है। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी।उनकी दिनचर्या बेहद अनुशासित है। वे प्रतिदिन सुबह 5:30 से 7:30 बजे तक कड़ा अभ्यास करते हैं और शाम को 3:30 से 6:30 बजे तक नियमित प्रशिक्षण लेते हैं। उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि आज वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। वे पुलिस लाइन में कोच पवन सैनी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जहां उन्हें बेहतर सुविधाएं और पेशेवर प्रशिक्षण मिल रहा है।
उपलब्धियां
n
फेडरेशन नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
n
सीबीएसई नेशनल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया, जो बड़ी उपलब्धि है।
n
जिला स्तर पर तीन बार प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
n
प्रतिष्ठित सुब्रतो कप में दो बार प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता।
कोच पवन सैनी का कहना है कि अभिषेक में असाधारण प्रतिभा है। यदि उन्हें इसी तरह प्रोत्साहन और बेहतर सुविधाएं मिलती रहीं तो वे भविष्य में राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उनकी फिटनेस, खेल के प्रति समर्पण और सकारात्मक सोच उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग पहचान देती है।अभिषेक की उपलब्धियां अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा हैं।
उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनका सपना है कि वे एक दिन अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करें
और तिरंगा लहराकर देश का मान बढ़ाएं।