खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र लोगों द्वारा प्रशासन को दिए अपनी संपत्ति के ब्योरे की जांच होगी। योजना के तहत आर्थिक आधार पर हुए सर्वे के डॉटा को आधार बनाया गया है। पिछले साल अगस्त में लागू की गई योजना के अनुसार जिले भर में छह लाख से अधिक की आबादी योजना के तहत पात्र पाई गई थी लेकिन इसमें अधिकतर जानकारी लोगों द्वारा स्वयं ही दी हुई है।
ऐसे में कुछ लोग योजना के अपात्र होते हुए भी लाभ उठा सकते हैं जिस कारण अब लोगों द्वारा दी गई जानकारी की पटवारियों सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के माध्यम से वेरिफिकेशन करवाई जाएगी। ये आदेश डीसी एनके सोलंकी ने दिए हैं।
पांच एकड़ तक होनी चाहिए जमीन
योजना के तहत पात्र व्यक्ति के पास पांच एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी पर न हो, परिवार में कोई सदस्य आयकर दाता न हो। इस तरह की कई शर्तें इस योजना के तहत पात्र होने के लिए लगाई गई हैं। कैथल जिले में छह लाख से ज्यादा लोग आर्थिक आधार पर हुए सर्वे में पात्र पाए गए थे। इसके अलावा करीब 45 हजार लोगों के सीधे आवेदन जमा करवाते हुए उन्हें इसका लाभ दिया जाना शुरू किया गया है। प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो गेहूं दो रुपये किलो के हिसाब से उपलब्ध करवाया जा रहा है।
ताकि अपात्र न ले सके लाभ
विभागीय जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र पाए गए लोगों द्वारा दी गई जानकारी की जांच होगी। इसमें नगर परिषद के अधिकारी, नगर पालिकाओं के अधिकारी, तहसीलदार, पटवारियों द्वारा बताई गई जमीन आदि की वेरिफिकेशन करवाई जाएगी ताकि कोई अपात्र व्यक्ति योजना के तहत दिए जा रहे अनाज का दुरुपयोग न करे। इस बार जिले में लगभग 23 हजार 900 क्विंटल गेहूं प्राथमिक परिवारों एवं बीपीएल परिवारों को तथा 6520 क्विंटल गेहूं अंत्योदय योजना के तहत वितरित किया जाएगा। अपात्र पाए गए लोगों के सूची से नाम काटे जाएंगे।
दालें बांटी जाएंगी
खाद्य सुरक्षा योजना के साथ-साथ इस बार दाल रोटी योजना के तहत जिले में 440 क्विंटल दालें 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से वितरित की जाएंगी। इसमें 261 क्विंटल दाल चना और 179 क्विंटल दाल मसूर की वितरित की जाएगी।
डीसी के आदेश हैं : डीएफएससी
डीएफएससी सुरेंद्र सैनी ने कहा कि जिले में इस बार खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 30 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं और 440 क्विंटल दाल वितरित की जाएगी। इसके अलावा डीसी के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सहायता से पात्र लोगों द्वारा दी गई संपत्तियों की जांच की जाएगी।