राजौंद। नगर के महाराणा प्रताप चौक पर युवाओं ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भारत के वीर सपूत, महान योद्धा और अद्भूत शौर्य व साहस के प्रतीक महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि मनाई। युवाओं ने कहा कि देश के इतिहास में ऐसे लोग कम ही हुए हैं, जिनमें किसी भी परिस्थिति में हार न मानने का जज्बा रहा हो।
युवाओं ने महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे कुछ लोगों में से एक रहे हैं, जिन्होंने त्याग, बलिदान और स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप कभी मुगलों के आगे नहीं झुके। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का हल्दीघाटी का युद्ध बहुत खास माना जाता है। यहां उन्होंने अकबर को अपने 20 हजार सैनिकों से टक्कर देकर पछाड़ा था। उनका संघर्ष हमेशा से युवाओं को प्रेरणा देता रहा है।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को कुंभलगढ़ दुर्ग पाली में हुआ था। महाराणा प्रताप ने मुगलों से कई लड़ाईयां लड़ी। 1596 में शिकार खेलते समय उन्हें चोट लगी जिससे वह कभी उबर नहीं पाए। 19 जनवरी 1597 को सिर्फ 57 वर्ष की आयु में चावड़ में उनका देहांत हो गया। इस मौके पर कुशल पाल राणा, कमल राणा, रविंद्र राणा, राजिंद्र पार्षद, संजय पार्षद, जोनी पार्षद, विजेन्द्र पार्षद, डाॅ. संदीप राणा, विरेंद्र राणा, महिपाल राणा, राजिंद्र राणा, संग्राम, भूपेंद्र, काका, अजय आदि मौजूद रहे।