संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मनरेगा योजना के तहत मजदूरों की ई-केवाईसी समय पर न कराने के मामले में पंचायत विभाग ने पांच ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया है।
मनरेगा मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत मजदूरों की ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है, लेकिन कई जगहों पर मजदूरों की केवाईसी समय पर नहीं कराई गई। इसे ड्यूटी में कोताही और नियमों की अनदेखी मानते हुए कार्रवाई की गई। निलंबित किए गए ग्राम सचिवों में अंकित, अजय, विनोद, विनोद कुमार और दिनेश शामिल हैं। इनमें कैथल और ढांड ब्लॉक के दो-दो तथा कलायत ब्लॉक का एक ग्राम सचिव शामिल है।
प्रशासन के अनुसार मनरेगा योजना के तहत मजदूरों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल और मॉनिटरिंग सिस्टम में अपडेट किया जाता है। मजदूरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया बेहद जरूरी है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश रविश ने बताया कि जांच जारी है और आवश्यकतानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी।