संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सजूमा गांव में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां अज्ञात आरोपियों ने एक मुनीम के बैंक खाते से पांच लाख रुपये निकाल लिए। आरोपियों ने वॉट्सऐप के जरिए एपीके फाइल भेजकर ठगी को अंजाम दिया। फाइल इंस्टॉल करते ही पीड़ित के खाते से रुपये कटने का संदेश आ गया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में गांव कैलरम निवासी सतीश कुमार ने बताया कि वह गांव सजूमा स्थित शिव ईंट भट्ठे पर मुनीम के तौर पर कार्यरत है। उसका एचडीएफसी बैंक में खाता है, जिसमें उसका मोबाइल नंबर पंजीकृत है। 26 दिसंबर 2025 को उसके वॉट्सऐप पर ई-चालान एपीके नाम से फाइल आई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जैसे ही उसने फाइल पर क्लिक कर उसे इंस्टॉल किया, उसके मोबाइल पर खाते से पांच लाख रुपये निकलने का संदेश आ गया। घबराकर वह तुरंत बैंक पहुंचा, जहां खाते से रुपये निकलने की पुष्टि हुई। पीड़ित ने बताया कि उसे ठगी का अहसास होते ही उसने संबंधित एपीके फाइल को तुरंत डिलीट कर दिया।
सतीश कुमार ने आरोप लगाया कि अज्ञात आरोपी ने सुनियोजित तरीके से उसके साथ साइबर ठगी की है। उसने पुलिस से आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई करने और खाते से निकाली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।
यह है फर्जी ई-चालान एप के नाम पर ठगने का जाल
ई-चालान एप के नाम से व्हाट्सएप पर एपीके या लिंक भेजे जा रहे हैं। इन पर क्लिक करते ही मोबाइल का एक्सेस ठगों के पास चला जाता है और बैंक खाते से रुपये निकल जाते हैं। यह पूरी तरह साइबर फ्रॉड है। असली ट्रैफिक चालान केवल सरकारी पोर्टल या अधिकृत माध्यम से ही आते हैं।
इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी को जल्द पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। - एसएचओ सुभ्रांशु ,साइबर थाना
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
g लिंक पर क्लिक न करें: किसी अनजान नंबर से आए ई-चालान या ऐप के नाम वाले लिंक या फाइल पर बिल्कुल क्लिक न करें।
g बैंक जानकारी साझा न करें: ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड किसी को न दें।
g असली चालान की पहचान करें: असली ट्रैफिक चालान सरकारी वेबसाइट या अधिकृत ऐप से ही आते हैं, वॉट्सऐप पर एपीके भेजकर पैसे नहीं मांगे जाते।
g तुरंत डिलीट करें: संदिग्ध मैसेज, लिंक या फाइल को तुरंत डिलीट करें और किसी को फॉरवर्ड न करें।
g शिकायत करें: साइबर ठगी का शिकार होने या संदिग्ध मैसेज मिलने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।