कैथल। रविवार रात को तामिलनाडू से यमुनानगर माचिस लेकर जा रहे ट्रक में मामूली टक्कर के बाद आग लग गई। जिस कारण ट्रक सहित इसमें लोड 3000 माचिस की पेटियां जलकर राख हो गईं।
आग पर दमकल विभाग की मदद से काबू पाया जा सका। आग से लाखों के नुकसान के अलावा ट्रक चालक की हालत भी धुएं के प्रभाव से गंभीर बनी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के 16 घंटे बाद भी आग सुलग रही थी। फैले धुंए से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ट्रक के परिचालक तामिलनाडू निवासी कुमार ने बताया कि वे तामिलनाडू से यमुनानगर के लिए माचिस से भरा ट्रक लेकर चले थे। रात करीब दस बजे कठवाड़ व टीक के बीच सामने से आ रहे एक वाहन ने उनके ट्रक को मामूली टक्कर मार दी। जिससे ट्रक संतुलन बिगड़ गया। इस दौरान ट्रक कई बार इधर उधर हुआ तो घर्षण से माचिस के डब्बों में आग लग गई।
आग के बाद फैले धुएं से चालक गेनासागर की हालत बिगड़ गई। उसे इंदिरा गांधी मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती करवया गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची तथा कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। कुमार के अनुसार ट्रक में करीब 3000 माचिस की पेटियां थीं। जिस कारण आग बेकाबू हुई। वह रातभर बची माचिस एवं सामान को बचाने का प्रयास करते रहे लेकिन आग का प्रभाव इतना था कि सारा सामान व ट्रक जलकर राख हो गया। यमुनानगर से माचिस बचाने के लिए लेबर भी बुलाई गई लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लग सका। आग से कितना नुकसान हुआ है, इस बात की जानकारी मालिक देंगे। उनके पास किसी का नंबर तक नहीं बचा। सारा सामान आग की भेंट चढ़ गया।
डरते रहे वाहन चालक: माचिस की पेटियों में लगी आग से उठे धुएं ने रास्ते को एक तरह से बंद किया हुआ है। कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर लगभग चार सौ मीटर तक सड़क पर धुआं छाया हुआ है। दोनों ओेर से आने वाले वाहन चालकों को कोई भी वाहन दिखाई नहीं दे रहा था। घटना के 16 घंटे बाद भी आग सुलग रही थी। माचिस की आग बीस घंटे तक जलने से चार सौ मीटर तक के पेड़ पौधे झुलस गए। इस दायरे में लगभग तीस से अधिक पेड़ पौधे लगे थे। जिनको विभाग के कर्मचारी अपने बच्चों की तरह पाल रहे थे। सफेदे और सिरसम जलने से वन विभाग का काफी नुकसान हो गया।