गांव क्योड़क में रविवार की रात एक घर में बनाई गई मनियारी की दुकान में आग लग गई। बचने के लिए परिवार ने गांव के लोगों द्वारा नीचे पकड़ी गई तिरपाल पर छत से कूदकर जान बचाई। इस दौरान महिला गंभीर रुप से घायल हो गई। उसे हिसार के अस्पताल में रेफर किया गया है। वहीं दस वर्षीय बच्चे को सांस लेने में तकलीफ के बाद शाह अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
गांव निवासी युवक ने बताया कि गांव में गोपाल के घर में ही मनियारी की दुकान है और उसने तीन मंजिला भवन बनाया हुआ है। अज्ञात कारणों के कारण रविवार को पहली मंजिल पर आग लगी। परिवार के लोग बचने के लिए ऊपर चले गए। इसके बाद आग बढ़ती गई और परिवार में गोपाल, उसकी पत्नी आशा, उनका पुत्र कृष व पूर्व छत पर पहुंच गए। इस दौरान एकत्रित ग्रामीणों ने तिरपाल (पल्ली)बांधी और परिवार के चारों सदस्य उसके ऊपर कूद गए। आशा के कूदने के समय पल्ली फट गई और नीचे गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आई हैं। आशा व उसके पुत्र कृष को शाह अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां से आशा को हिसार रेफर कर दिया गया। वहीं कृष को सांस लेने में तकलीफ के बाद शाह अस्पताल में भर्ती किया गया है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची दमकल विभाग की तीन गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। तंग गली के कारण दमकल की गाड़ियां घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाईं। लंबी पाइप और अन्य साधनों से गांव के लोगों ने आग पर काबू पाया। पीड़ित परिवार से अशोक कुमार ने बताया कि ऊपर वाले का शुक्र है कि सभी की जान बच गई। उनकी भाभी आशा को पेट में चोट आई है। उसे हिसार रेफर किया गया है। दमकल विभाग से मिली सूचना के अनुसार मौके पर तीन गाड़ियां गई हुई हैं। वहां से अभी सूचना प्राप्त नहीं हुई है।