संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। गांव चौशाला में दो नाबालिग बच्चों के नाम दर्ज जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से हस्तांतरित करने और बाद में बेचने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता पवन की शिकायत पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता पवन ने उपमंडल अधिकारी (नागरिक) कलायत को दी शिकायत में बताया कि उसके भाई सतीश कुमार का 1 अक्तूबर 2022 को निधन हो गया था। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में नियमानुसार विरासत दर्ज करते हुए उनकी पत्नी पुष्पा देवी और दोनों पुत्र आदित्य व तेजेंद्रपाल के नाम जमीन का इंतकाल मंजूर किया गया था। दोनों बच्चे अभी नाबालिग हैं।
पवन का आरोप है कि बाद में पुष्पा देवी, सोनू, भूंडू राम नंबरदार, गौरव शर्मा वकील और अन्य लोगों ने आपसी मिलीभगत कर बच्चों के कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र तैयार करवाए। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर 30 अक्तूबर 2025 को पारिवारिक हस्तांतरण की वसीका दर्ज करवाई गई और उससे संबंधित इंतकाल भी मंजूर करा लिया गया।
हस्तांतरण के बाद जमीन बेचने का आरोप : शिकायत के अनुसार, जमीन हस्तांतरण के कुछ समय बाद ही 27 नवंबर 2025 को उसी जमीन को दूसरी वसीका के माध्यम से ओमी देवी के नाम बेच दिया गया। दस्तावेजों में बिक्री राशि करीब 46.96 लाख रुपये दर्शाई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया और इसमें कई लोगों की भूमिका रही।
उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार तहसील कार्यालय पहुंचे तथा अधिकारियों के समक्ष आपत्ति भी दर्ज करवाई। शिकायत में कहा गया है कि सतीश कुमार की जमीन उनके नाबालिग बेटों के नाम दर्ज थी, लेकिन कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर पहले पारिवारिक हस्तांतरण कराया गया और बाद में जमीन तीसरे पक्ष के नाम बेच दी गई।
शिकायत के आधार पर बच्चों की मां पुष्पा देवी, सोनू, भूंडू राम नंबरदार, गौरव शर्मा वकील और ओमी देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। -विनोद कुमार, जांच अधिकारी