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Kaithal News: बेसहारा पशुओं से घायल या दिव्यांग होने पर मिलेगी आर्थिक मदद

Sat, 03 Jan 2026 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। सरकार की ओर से शुरू की गई दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के विस्तारित संस्करण ‘दयालु-2’ को लेकर शुक्रवार को डीसी अपराजिता ने जिला स्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित की और योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीसी अपराजिता ने कहा कि ‘दयालु-2’ योजना का उद्देश्य बेसहारा या बेसहारा पशुओं के हमले के कारण संकट में आए परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। योजना का लाभ तय मापदंडों के अनुसार पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मृत्यु, स्थायी विकलांगता और गंभीर चोट के मामलों में फाइलों का निपटान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
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डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा शुरू की गई यह योजना एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच है। इसके तहत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बेसहारा पशुओं जैसे गाय, बैल, कुत्ता, नीलगाय, गधा, खच्चर आदि के काटने या हमले से हुई मृत्यु, स्थायी विकलांगता या गंभीर चोट की स्थिति में सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है। योजना को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और किसी भी स्तर पर कोताही न बरतने का निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर एडीसी सुशील कुमार, डीएमसी कपिल शर्मा, जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, ईओ एचएसवीपी वकिल अहमद, और एसडीएम कलायत अजय हुड्डा उपस्थित रहे।
डिजिटल माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित ः डीसी ने बताया कि योजना को भ्रष्टाचार मुक्त और सरल बनाने के लिए सरकार ने ‘दयालु-2’ पोर्टल लॉन्च किया है। इसके माध्यम से पीड़ित परिवार सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होगी। उन्होंने अपील की कि यदि किसी परिवार के साथ ऐसी अप्रिय घटना घटती है, तो वे 90 दिन के भीतर पोर्टल पर पंजीकरण कराएँ, ताकि सरकार की कल्याणकारी योजना का लाभ समय पर उन्हें मिल सके।
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बेसहारा पशुओं के हमले से हुई मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर सरकार ने आयु के अनुसार सहायता राशि निर्धारित की है ः-

0–12 वर्ष
: 1 लाख रुपये

12–18 वर्ष
: 2 लाख रुपये

18–25 वर्ष
: 3 लाख रुपये

25–45 वर्ष
: 5 लाख रुपये

45 वर्ष से अधिक
: 3 लाख रुपये

योजना की प्रमुख विशेषताएं और पात्रता

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डीसी अपराजिता ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए प्रार्थी हरियाणा का निवासी होना चाहिए और परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है।

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योजना में पारिवारिक आय या उम्र की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं रखी गई है। घटना हरियाणा में ही घटित होनी चाहिए।

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यदि किसी व्यक्ति में 70 प्रतिशत से कम दिव्यांगता है, तो सहायता राशि कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम 1923 की सूची एक के प्रावधानों के अनुसार अनुपात में दी जाएगी। इसके अलावा, यदि सार्वजनिक स्थान पर कुत्ता काटता है, तो प्रति दांत निशान के आधार पर 10 हजार रुपये सहायता दी जाएगी।
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