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Kaithal News: मुख्यमंत्री के पास फाइल, शीघ्र मिल सकती है अनुमति

Tue, 12 Sep 2023 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। रामनगर के रेलवे फाटक पर अंडर ब्रिज के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये का बजट न मिलने का मामले में संबंधित फाइल मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास फाइल पहुंच गई है। अब इस पर अनुमति नगर परिषद की तरफ से ली जाएगी। यह जानकारी देते हुए नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि व भाजपा नेता सुरेश गर्ग नौच ने काम का आश्वासन दिया है।

गौरतलब है कि रामनगर में बंद किए गए फाटक से लोगों को काफी परेशानियां हो रही है। फाटक बंद होने से 25 से अधिक कॉलोनियों के लोग फाटक से इधर से उधर नहीं पहुंच पाते हैं। अनुमति न मिलने की स्थिति में वार्ड के पार्षद राजेश सिसौदिया का कहना है कि यदि फाटक नहीं खोला जा सकता तो नई अनाज मंडी की तरफ नगर परिषद एक श्मशान घाट ही बना दें।
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ऐसे में कम से कम शव को चंदाना गेट की तरफ स्थित श्मशान में ले जाने का झंझट तो खत्म होगा।

रेलवे फाटक बंद होने के कारण इस समय शहर की 25 से अधिक कॉलोनियों के 30 हजार से अधिक लोगों को समस्या हो रही है। इस फाटक के बंद होने से इन लोगों को दो किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करके अनाज मंडी और कुतुबपुर रोड वाली फाटक से इस पार से उस पार जाना पड़ रहा है।

फाटक बंद होने के बाद नई अनाज मंडी, रामनगर, रजनी कॉलोनी, चंदाना गेट, शक्ति नगर, जींद रोड मॉडल टाउन, रेलवे गेट कॉलोनी, वाल्मीकि धर्मशाला बस्ती, भगत सिंह चौक, प्रताप गेट, डकौत बस्ती, भाट बस्ती, रेलवे गेट, भगत सिंह चौक, जनता मार्किट, सब्जी मंडी सहित अन्य कॉलोनी के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
रेलवे स्टेशन के यार्ड में आने से बंद हुआ था फाटक

वर्ष 2022 की फरवरी में इस फाटक के रेलवे स्टेशन के यार्ड में आने से इसे बंद कर दिया गया था। इस पर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित कॉलोनियों के लोगों ने रोष जताया था। इसके बाद कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी व भाजपा विधायक लीला राम के आग्रह पर रेलवे ने निर्माण को लेकर सर्वे किया था। सर्व के बाद यहां पर फाटक का निर्माण न कर रेलवे अंडरपास निर्माण की व्याहवारिकता पाई थी। इसके बाद ही रेलवे ने इस परियोजना के बजट को राज्य सरकार को जारी करने की गुजारिश की थी। अब तक इसके लिए केवल बजट का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद अभी तक यह नहीं मिला है।
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नगर परिषद की सदन में उठाया था मुद्दा

वार्ड नंबर 22 के पार्षद राजेश सिसौदिया ने बताया कि रेलवे फाटक के बंद होने के बाद सबसे बड़ी समस्या आ रही है तो वह श्मशान घाट में शव ले जाने में आ रही है। यहां के लोगों शव को दाह संस्कार के लिए श्मशान तक ले जाने के लिए दो किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। यदि फाटक पर रेलवे अंडरपस नहीं बन सकता तो जींद रोड की तरफ श्मशान घाट का निर्माण कर दिया जाए। नगर परिषद के अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेश गर्ग ने बताया कि फाटक पर रास्ता खोलने का विकल्प जरूर तलाशा जाएगा। इसके लिए नगर परिषद की सदन की बैठक में इसका प्रस्ताव बनाकर डाला जाएगा।
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