गांव संगरौली में दलित समाज की जमीन पर कब्जे को लेकर संत रविदास की प्रतिमा सहित एक दलित व्यक्ति के घर पथराव कर दिया गया, जिसमें पांच लोगों को चोटें आई हैं। हमले के विरोध में एकजुट हुए समाज के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने गांव का दौरा किया। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गांव संगरौली में लगभग 50 वर्षों से खाली पड़ी दलित समुदाय की शौचालय की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कई माह से कब्जा करनेे की कोशिश की जा रही है। कुछ माह पहले भी स्वर्ण समुदाय केे लोगों द्वारा इस जमीन पर कब्जे को लेकर दलित समुदाय के लोगों के साथ झगड़ा हुआ था, जिसमें उस समय में भी कई दलित समुदाय के लोगों को काफी चोटें आई थी। यह मामला कोर्ट में भी इनके पक्ष में रहा और शौचालय की खाली पड़ी जमीन की संबंधित विभाग द्वारा दो बार निशानदेही पहले भी हो चुकी है। लेकिन यह जमीन दलित समुदाय की होने के कारण आज तक यह जमीन झगड़े का कारण बनी हुई है।
इसी जमीन को लेकर कुछ लोगों ने मंगलवार रात महेंद्र सिंह पुत्र तेलू राम के घर पर और संत शिरोमणि गुरु रविदास की मूर्ति पर ईंटों की बरसात कर मूर्ति को खंडित कर दिया। जिसे देख दलित समुदाय के लोग भड़क उठे। लोगों ने स्वर्ण जाति के कुछ शरारती लोगों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हमले में दलित परिवार के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार परिवार पर हो रहे हमले की भनक लगते ही आस-पास के पड़ोस के लोगों ने बीच बचाव कर थाना ढांड पुलिस को फोन पर अवगत करवाया। हमले की सूचना मिलते ही थाना ढांड के एएसआई कृष्ण कुमार अपनी टीम के साथ मौकेे पर पहुंचे।
वहीं रामेश्वर दास ने बताया कि हमले में घायल हुए परिवार के सदस्यों को मोहल्ला के लोगों द्वारा कौल सीएचसी में भर्ती करवाया गया। घायलों की हालात को देख सीएचसी द्वारा नरेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, विकास, विशाल, सोनू को कैथल सिविल अस्पताल में रेफर किया गया। मामले की सूचना मिलने पर बुधवार सुबह एसपी सुमेर प्रताप सिंह व डीएसपी सतीश गौतम ने गांव का दौरा किया। लोगों की शिकायत पर एक हमलावर प्रदीप कुमार नामक युवक को मौके पर ही गिरफ्तार किया और अन्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
गुरु का अपमान नहीं होगा सहन
गांव में स्वर्ण जाति के लोगों द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास की मूर्ति पर ईंट बरसाने पर दलितों में उन शरारती तत्वों के खिलाफ काफी रोष है। जन संघर्ष मंच हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष फूल सिंह, उपाध्यक्ष ईश्वर मोहना, बसपा के हरियाणा उतरी जोन प्रभारी अनिल रंगा, डीएएसफआई सदस्य रविंद्र डांडा, धर्म सिंह, फकीर चंद चंदलाना, जसमेर मेहरा, दयाल सिंह, विरेंद्र सिंह रविदासीया, जोगिंद्र सिंह ढांड, मुख्त्यार सिंह, धनपत, बिरा राम, शमशेर सिंह, कृष्ण कुमार, सुनील, राजबीर, रामकुमार, अनील कुमार, रोहित, लखमी चंद ने कहा कि गुरु किसी एक जाति या किसी एक धर्म के नहीं होते। गुरु की मूर्ति को खंडित करना गलत है। दलित समुदाय के लोग गुरु की मूर्ति का अपमान किसी भी प्रकार से सहन नहीं करेंगे। दलित समुदाय के लोगों ने जिला प्रशासन से हमलावरों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने कहा कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। पीड़ित परिवार के सदस्यों की बात को ध्यान से सुना और कानून पर विश्वास करने की बात कहकर न्याय दिलाने का आश्वासन देकर उनसे सहयोग की अपील की है। एसपी ने दलित समुदाय के लोगों को शौचालय की जमीन पर जल्द ही कब्जा दिलवाने का भरोसा दिलवाया।