कैथल। वेतन मांगने पर 10 से अधिक आरोपियों ने मिलकर एक महिला डॉक्टर को निजी अस्पताल में घुसकर पीटा। आरोपियों ने उसका मंगलसूत्र छीन लिया और जातिसूचक शब्द कहे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मौजूदा समय पूंडरी के अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर ज्योति सरोहा ने पुलिस को शिकायत दी कि उसने एक फरवरी 2023 को कैथल के एक अस्पताल में कंस्लटेंट इन सर्जरी इटर्नल पद परजॉइन किया था। 10 दिन काम करने के बाद ही उसे पता चल गया कि ये लोग बहुत ही अवैध तरीके से सर्जरी करते थे। वहां का डॉ. नरेश शराब पीने के बाद उसे रात को कॉल करता था। उसने उन्हें कई बार चेतावनी दी, लेकिन उन लोगों ने अपने काम में परिवर्तन नहीं किया इसलिए 24 फरवरी को उसने इस्तीफा दे दिया। आरोपियों ने जल्द ही उसे बकाया वेतन देने की बात कही, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने कॉल उठाना बंद कर दिया। इसके बाद जब कोई उपाय नहीं रह गया तो उसने कैथल पुलिस को शिकायत की।
ज्योति के मुताबिक, 17 मई को डॉ. नरेश का पूंडरी स्थित अस्पताल के मालिक गुरदीप सिंह के पास कॉल गया। उन दोनों को मामला सुलझाने के लिए अस्पताल में बुलाया। वहां इंतजार करने के बाद शाम सात बजे के आसपास उसने गुरदीप को दोबारा डॉ. नरेश करने को कॉल करने के लिए कहा, क्योंकि उसे घर जाना था। इस पर उसने फोन उठाकर पहले ठीक से बात की लेकिन फिर अपशब्द कहने लगा। फिर वेतन देने से साफ मुकर गया। आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। नौ बजे के आसपास जब वह अस्पताल स्थित अपने निवास पर जाकर खाना खा रही थी तो अचानक जोर-जोर से आवाज आने लगी। कुछ लोग चिल्लाते हुए उसे अपशब्द कह रहे थे। उसने बाहर आकर देखा तो इंदू, नरेश व प्रदीप सात-आठ अन्य लोगों के साथ मिलकर मालिक गुरदीप सिंह के साथ हाथापाई कर रहे थे।
जब उसने कारण पूछा तो डॉ. इंदू और नरेश ने उसे बालों से पकड़ लिया और उसे अपशब्द कहे। मंगलसूत्र भी छीन लिया। उसे घसीट के साथ ले जाने लगे और अपहरण कर प्रयास किया। वे गुरदीप के 1.50 लाख रुपये भी ले लिए। शोर सुनकर लोगों को आता देख आरोपी भाग गए। एएसआई दलशेर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।