प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा फीस को लेकर दबाव बनाए जाने पर अभिभावकों ने मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद अभिभावकों ने डीईओ शमशेर सिंह को ज्ञापन सौंपा।
अभिभावक पंकज कुमार जैन ने बताया कि करीब एक-दो महीने पहले बीईओ को जिन स्कूलों के बारे में एप्लीकेशन दी गई थी। उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा स्कूल की तरफ से ट्यूशन फीस भरने के लिए बोला गया। अभिभावकों का आरोप है कि संचालकों ने महीने की फीस को ही ट्यूशन फीस बना दिया। इसके साथ अन्य चार्ज भी लिए जा रहे है। अभिभावकों ने कहा कि ट्यूशन फीस अलग है और महीने भर लिए जाने वाली फीस अलग है। कुछ स्कूलों जैसे की सिल्वर ऑक 21 जुलाई से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की हैं और वे एक अप्रैल से फीस मांग रहे हैं। इसके बाद एक दो महीनों के अंदर फीस न देने की वजह से कुछ बच्चो को ऑनलाइन ग्रुप से ब्लॉक कर दिया गया। यहां तक कि स्कूलों में पेपर भी नहीं लिए जा रहे। इस अवसर गुरमित सिंह, जगरूप सिंह, पंकज कुमार जैन सहित दर्जनों अभिभावकों मौजूद रहे।
सिल्वर ऑक स्कूल के बाहर जटा ताला- सन सिटी में स्थित सिल्वर ऑक स्कूल में अभिभावकों फीस के दबाव के विरोध में स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। अभिभावकों ने कहा कि उनका बच्चा कक्षा चार में पढ़ता है। वह अपने बच्चे की पढ़ाई को लेकर टीचरों से बात करनेे के लिए स्कूल आए थे। लेकिन उनको अंदर नहीं जाने दिया और न ही टीचरों से बात करवाई गई। इससे अभिभावकों में रोष बढ़ गया और स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया और चाबी अपने पास रख ली। उन्होंने कहा कि स्कूल के अंदर नामी परिवार के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है लेकिन आम परिवार के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने का बहाना बनाते हैं। करने दिया तो गेट पर ताला लगा दिया।
डीईओ शमशेर सिंह सिरोही ने कहा कि आज कुछ अभिभावक मेरे पास आए है। जिन्होंने कुछ स्कूलों के फीस संबंधी मुद्दे को लेकर एप्लीकेशन दी है। जिन्हें तत्काल प्रभाव से हल करवाया जाएगा। उन्होंने कहा अगर कोई प्राइवेट स्कूल नियमों की पालना नहीं करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पहले जो भी एप्लीकेशन आई उन सब पर कार्रवाई हो चुकी है। अगर कोई भी एप्लीकेशन लंबित है तो उसको भी पूरा करवाया जाएगा।