कैथल। जिले में शुक्रवार देर रात से लेकर शनिवार सुबह तक हलकी बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फसल पकने को लगभग तैयार है। यदि अब ज्यादा मौसम खराब रहता है तो किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। हालांकि शुक्रवार व शनिवार की रात को हुई 1.71 एमएम बारिश से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन जिन खेतों में फसल तेज हवाओं के चलते गिर गई है, उसमें चार से पांच प्रतिशत तक नुकसान की आशंका हैं।
शुक्रवार रात से ही लगभग 16 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। वहीं बारिश व हवाओं के चलते अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों तक और बरसात होने की संभावना है। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई है। किसान साहिल चहल, महाबीर, संदीप, केशा राम, प्रदीप चहल ने बताया कि इस बरसात से गेहूं व सरसों की फसलों में नुकसान है। जो फसल जमीन पर बिछ गई है उसमें फसल में उत्पादन कम होगा। जिले में औसतन हुई 1.71 एमएम बरसात-विदित रहे कि जिले में शुक्रवार सुबह 8 बजे से शनिवार सुबह 8 बजे तक औसतन 1.71 एमएम बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बरसात कैथल तहसील के क्षेत्र में 08 एमएम दर्ज की गई है। गुहला व कलायत क्षेत्र में 02 एमएम बरसात हुई हैं। वहीं पूंडरी, ढांड, सीवन व राजौंद क्षेत्र में शून्य एमएम बारिश हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने कहा कि अभी तक फसलों में कोई नुकसान नहीं है। 21 मार्च तक बरसात की संभावना है। किसान फसलों में पानी न दें।
फसल में नुकसान
किसान साहिल चहल नरड़ ने कहा कि जो सरसों की फसल कटी हुई है उसमें नुकसान है। सरसों पर बूंदे लगने से सरसों के दाने निकल गए हैं। जहंा पर गेहूं की फसल गिर गई है, वहां पर कम उत्पादन होगा और गेहूं के दाने काले पड़ जाएंगे।
फायदेमंद भी बताया
किसान महाबीर ने कहा कि जहां पर फसल गिरी है वहां पर नुकसान है। जो फसल खड़ी है उसके लिए बरसात फायदेमंद भी है। इसके अलावा थोड़ा बहुत नुकसान सरसों की फसल पर भी है। जो फसल गिर गई है, उसे संभालना होगा तभी नुकसान से बच सकेंगे।
जो गेहूं की फसल खड़ी है, उसके लिए यह बरसात अच्छी रहेगी। जो फसल जमीन पर बिछ गई है, किसान उसे छेड़े न और तीन से चार दिन तक सिंचाई न करें। पानी को जमा न होने दें। तीन चार दिन तक स्प्रे न करें। जिले में अभी मौसम परिवर्तन का फसलों में ज्यादा नुकसान नहीं है। -डॉ. कर्मचंद, कृषि उपनिदेशक