फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1121 धान के कम भाव से किसान मायूस

Sun, 16 Oct 2016 12:08 AM IST
ब्यूरो कैथल
विज्ञापन
दामों से किसान संतुष्ट नजर नहीं आ रहे। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
मंडी में आने वाली धान की विभिन्न किस्मों में से इस समय पीआर धान के साथ बारीक धान के तौर पर 1509 व पूसा 1121 धान भी अपनी आवक दर्ज किए हुए है। सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार मोटे धान की खरीद सरकारी खरीद एजेंसियों तथा बारीक धान की खरीद मिलरों द्वारा की जा रही है।
विज्ञापन


कलायत मंडी में धान की बेहतरीन किस्म की आवक होने के कारण यहां दूसरे प्रदेशों के व्यापारी भी धान खरीदने के लिए मुस्तैद रहते हैं। इस बार जहां कपास की पैदावार कम होने तथा बाजरे की फसल अधिक बताई जा रही है। पूसा 1121 धान की भी अच्छी पैदावार बताई जा रही है मगर पूसा 1121 के चल रहे दामों से किसान संतुष्ट नजर नहीं आ रहे। इस बार भी पूसा 1121 का मंडी में भाव 2,000 रुपए प्रति क्विंटल के पास चल रहा है जिसके चलते किसानों में मायूसी है।

किसान बलिंद्र चौहान, बलवान सिंह कुराड, राजा राम, सतीश राणा, बबलू राणा, बाज सिंह आदि का कहना है कि किसानों ने पूसा 1121 की रोपाई इसलिए अधिक की थी कि इस बार मंडी में फसल के दाम अच्छे मिल जाएंगे। किसानों को जो पूर्व में 3 फसलों के खराब होने के चलते आर्थिक तौर पर नुकसान हुआ था उसकी कुछ तो भरपाई होगी। वहीं दूसरी ओर मंडी व्यापारी जयप्रकाश मित्तल, सतीश कुमार राणा, पवन मित्तल, जोगध्यान, राजा रामढ, सुरेश कुमार, विजय निर्मल, धर्मवीर गोयल, शमशेर सिंह खरक पांडवा आदि का कहना है कि मंडी में जो भाव चल रहे हैं वे चाहे प्रदेश की अन्य मंडियों के अनुसार क्यों न हो मगर आशा के अनुरूप नही हैं।
विज्ञापन

मार्केट कमेटी सचिव सविता चौधरी ने कहा कि मंडी में आ रही फसलों की बिक्री का कार्य सुचारु तौर पर चल रहा है। किसानों द्वारा लाई गई फसल सरकारी खरीद एजेंसियों के साथ व्यापारियों द्वारा धड़ल्ले से खरीदी जा रही है। किसानों की समस्या का निदान करने के लिए सरकार द्वारा जहां टोल फ्री नम्बर जारी किया हुआ है वहीं परेशानी होने पर किसान किसी भी समय मार्केट कमेटी कार्यालय में अपनी शिकायत दे सकते हैं।

वहीं मंडी आढ़त एसोसिएशन प्रधान रणधीर सिंह चहल ने कहा कि अभी फसल की आवक ने वह गति नहीं ली जो लेनी चाहिए मगर जो भी फसल आ रही है वह प्रदेश की अन्य मंडियों के अनुसार चल रहे भावों में बिक रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें