कैथल। सोमवार को अचानक मौसम बदला। दिनभर धूप व छांव होती रही है। आसमान में काले बादल छाए रहे, बारिश की स्थिति की बनी लेकिन बरसात नहीं हुई। दूसरी ओर किसान बरसात होने की बाट जोह रहे हैं। धान रोपाई का कार्य जोरों पर हैं, लेकिन बरसात न होने के कारण धान की फसल को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं है। यदि समय पर बरसात नहीं हुई तो धान की फसल को नुकसान हो सकता है।
इस बार प्रदेश के कई जिलों में भारी बरसात हुई है, लेकिन कैथल जिला अभी सूखा पड़ा है। गौरतलब है कि बीते वर्ष जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की बरसात शुरू हो गई थी। इससे किसानों को धान की फसलों में फायदा हुआ था। लेकिन इस बार कैथल के आसपास जिलों में खूब बरसात हुई, लेकिन जिले में अभी तक गर्मी दूर करने वाली बरसात नहीं हो पाई है। किसान बरसात होने का इंतजार कर रहे हैं।
सोमवार दोपहर तक धूप छांव खेल चला, बीच-बीच तेज धूप भी हुई। लेकिन लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिली। सोमवार को अधिकतम तापमान 36. 2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 27.1 दर्ज किया गया। सोमवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज सुहावना रहा। सुबह आसमान में घनघोर बादल छाए रहे तो कुछ देर बाद धूप खिली। जिससे कुछ उमस बढ़ी रही। दोपहर करीब एक बजे अचानक आसमान में एक बार फिर से घनघोर बादल घिर आए, लेकिन बरसात नहीं हुई। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डा. रमेश चंद वर्मा ने कहा कि आगामी दो से तीन दिनों तक मौसम परिवर्तन शील रहेगा। कहीं कहीं पर बरसात होने की संभावना है। यदि समय पर बरसात होती है तो धान की फसलों के लिए रामबाण साबित होगी।