गुहला-चीका/कैथल। किसान संगठनों ने बुधवार को मार्केट कमेटी कार्यालय कैथल के गेट पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया। किसान गेट पर ताला जड़कर बैठ गए। किसान नेता होशियार सिंह गिल ने कहा कि किसानों के धान को एमएसपी पर न खरीद कर परेशान किया जा रहा है। सरकार भी इसमें गंभीरता नहीं बरत रही। किसान कई-कई दिन से मंडियों में बैठे हैं।
वहीं भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की चीका इकाई की ओर से अनाज मंडी चीका स्थित कार्यालय में धान की खरीद और उठान में हो रही भारी देरी के विरोध में तीन घंटे का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने के दौरान किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए धान खरीद प्रक्रिया में आ रही समस्याओं को दूर करने की मांग उठाई। किसानों ने कहा कि मंडियों में धान की खरीद और उठान में देरी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।
धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि मंडी में धान की खरीद के लिए गेट पास बनवाने की प्रक्रिया काफी जटिल है। इस मौके पर सतनाम सिंह चाणचक, सुरेश कुमार, कृष्ण सीड़ा, जोरा सिंह चीका, बलबीर सिंह पीडल, शीशन कुमार थेह नेवल और जसवंत सिंह खेड़ी मौजूद रहे।
किसानों ने कहा : जीपीएस सिस्टम के कारण उठान प्रभावित
किसानों ने धान के उठान में देरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जीपीएस सिस्टम के कारण उठान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। समय पर धान का उठान नहीं होने से मंडियों में फसल का दबाव बढ़ता है और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ता है। किसानों ने कहा कि धान की खरीद के साथ-साथ उसका उठान भी निर्धारित समय पर होना चाहिए, ताकि मंडियों में व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। प्रदर्शनकारी किसानों ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की धान औने-पौने दामों पर बिक रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से उनका धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने का वादा किया था लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को इसका पूरा लाभ मिलता दिखाई नहीं दे रहा।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां हरियाणा के राज्य प्रधान एवं संयुक्त किसान मोर्चा भारत की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य और प्रेस कमेटी के सदस्य कंवरजीत सिंह ने किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को मंडियों में अनावश्यक परेशानियों से बचाने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। गेट पास की प्रक्रिया को सरल बनाने, जीपीएस सिस्टम से संबंधित समस्याओं को दूर करने, धान का समय पर उठान सुनिश्चित करने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जानी चाहिए।
तीन घंटे का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के पदाधिकारी व सदस्य।
तीन घंटे का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के पदाधिकारी व सदस्य।
तीन घंटे का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के पदाधिकारी व सदस्य।