कैथल। जिला प्रशासन जिले में फसल अवशेष व पराली जलाने के मामले में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। हरसेक पर अग्निकांड की लोकेशन मिलने पर जिला प्रशासन की ओर से संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। यह जानकारी डीसी डॉ. विवेक भारती ने दी है।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे फसल अवशेष नहीं जलाएं, बल्कि इसका प्रबंधन कर प्रति एकड़ एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में पाएं। बताया कि धान की फसल के अवशेष जलाने वाले किसानों के मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की जाएगी। जिले में संबंधित एसडीएम की देखरेख में गांवों में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों की टीम मॉनिटरिंग कर रही है। पराली जलाने पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने से प्रकृति, जमीन तथा मानव जीवन पर अत्यंत गंभीर व प्रतिकूल प्रभाव पड़ते है, जिससे जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ-साथ प्राकृतिक प्रदूषण से मनुष्य भी कई बीमारियों का शिकार होता है। संवाद