सीवन। दिल्ली में धरने पर बैठी महिला पहलवानों के समर्थन में देश के विभिन्न संगठनों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया है। इससे पहले ही हरियाणा में पुलिस ने किसानों व महिला संगठनों के सदस्यों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया है। रविवार सुबह खंड सीवन के दो किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जिसके विरोध में किसानों ने थाना सीवन के बाहर जमा होकर रोष जताया और थाने के बाहर ही धरना दे दिया। इस दौरान उन्होंने किसान नेताओं को छोड़ने के लिए जमकर नारेबाजी की।
किसान अमरेंद्र सिंह खारा, हरदीप बदसूई, बिन्नू ढिल्लों, बलराज सिंह व तजेंद्र सिंह, गुलाब सिंह समेत कई अन्य किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेश के किसान धरने पर बैठी महिला पहलवानों के साथ हैं। अगर पहलवानों के साथ मारपीट हुई या उन्हें जबरदस्ती वहां से उठाने की कोशिश की गई तो फिर से मुख्य सड़कों पर जाम लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहे पहलवान और खिलाड़ी किसानों के बच्चे है। देश की बेटियों की शिकायतों पर कार्रवाई न होना शर्म की बात है। किसानों ने ऐलान किया यदि शाम से पहले किसान नेताओं को रिहा नहीं किया गया तो वह आंदोलन शुरू कर देंगे। हालांकि करीब 4 घंटे किसान नेताओं को अपनी हिरासत में रखने के बाद सुबह करीब 9:30 बजे किसान नेताओं को पुलिस ने रिहा कर दिया। किसान नेताओं ने अपनी रिहाई के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि किसान नेताओं को इस तरह से हिरासत में लेना सरकार की तानाशाही को उजागर कर रही है। एक तरफ जहां सरकार बेटियां के हित में होने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं ऐसे मामलों में कार्रवाई न होना सरकार का असली रूप उजागर करने का काम कर रहे हैं।