राजौंद। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के पदाधिकारियों ने शनिवार को गांव सेगा में किसानों की बैठक कर 23 मार्च को होने वाली किसान आक्रोश रैली को लेकर चर्चा की। इस दौरान किसानों से रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया।
बैठक में किसानों ने भी रैली को सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। किसान यूनियन की टीम ने बताया कि 23 मार्च को पीपली (कुरुक्षेत्र) में किसान-मजदूर जनक्रांति रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में किसान और मजदूर भाग लेंगे।
किसान नेता महाबीर चहल ने कहा कि बजट में भी किसानों को कोई विशेष राहत नहीं दी गई है। रैली का मुख्य उद्देश्य किसानों और मजदूरों के हितों की आवाज बुलंद करना है। इस दौरान जिला महासचिव कृष्ण मालखेड़ी, दीप लेलर, सुरेंद्र गिल प्योदा, बलकार सहित कई किसान मौजूद रहे। संवाद
मांगों के लिए 19 को दिल्ली कूच करेंगे किसान
कैथल। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की जिला कार्यकारिणी की बैठक किसान यूनियन कार्यालय में आयोजित की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि मांगों के लिए किसान 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली किसान पंचायत में बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
प्रदेश संयोजक होशियार सिंह गिल ने कहा कि एमएसपी की गारंटी कानून बनाने, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से खेती, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को बाहर रखने सहित आठ प्रमुख मांगों को लेकर यह पंचायत बुलाई गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के फैसले भारत पर थोपने की कोशिश की जा रही है, जिसे देश का किसान स्वीकार नहीं करेगा। जिला प्रधान शमशेर तितरम ने कहा कि सरकार को किसानों द्वारा पोर्टल पर कराए गए पंजीकरण का समय पर सत्यापन करना चाहिए। संवाद