Farmers must do seed treatment before sowing sugarcane
- फोटो : Kaithal
सहकारी चीनी मिल कैथल द्वारा हरियाणा राज्य चीनी मिल प्रसंघ पंचकूला व प्रबंध निदेशक डॉ. प्रीतपाल सिंह के निर्देशानुसार गांव ट्योंठा में विशाल गन्ना विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में मिल क्षेत्र के सभी चारों सर्कल के गांव के किसानों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद गन्ना प्रजनन संस्थान क्षेत्रीय केंद्र करनाल के क्षेत्रीय प्रबंधक व विख्यात कीट रोग विशेषज्ञ डा. एसके पांडे, वरिष्ठ वैज्ञानिक व गन्ना रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएल छाबड़ा ने किसानों को गन्ने की फसल में लगने वाले मुख्य कीटों जैसे चोटी भेदक, जड़ भेदक, कंसुआ, तना छेदक गुरदासपुर बोरर, काली कीड़ी, पायरिला व सफेद मक्खी के नियंत्रण के लिए मैकेनिकल, जैविक व रासायनिक नियंत्रण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। गोष्ठी के जल संरक्षण के बारे में भी किसानों को विस्तृत रूप से समझाया गया तथा कीटनाशकों का भी इस्तेमाल आवश्यक होने पर ही करने की सिफारिश की गई।