बिजली विभाग द्वारा ट्यूबवेल कनेक्शन देने की प्रक्रिया में मोटर पंप की राशि को लेकर किसान परेशान हैं। किसानों ने इस राशि की वसूली के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। गांव कैलरम के किसान सुभाष, सुरेश, राजवीर, बलजीत, सुभाष सिंह, सत्यनारायण, राजेंद्र ने बताया कि सरकार द्वारा खेतों में ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए बिजली विभाग द्वारा राशि जमा करवाई जा रही है। विभाग द्वारा किसानों पर एक निजी कंपनी की मोटर खरीदने व मोटर का बिल फाइल में लगाए जाने की शर्तें लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा मोटर के लिए जबरदस्ती पैसे तो भरवाए जा रहे हैं, पर यह सुनिश्चित नहीं कि उन्हें मोटर पंप मिलेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग इस बात की कोई जिम्मेवारी नहीं ले रहा। बलजीत सिंह व राजबीर ने कहा कि जिस निजी कंपनी को ट्यूबवेल कनेक्शन की मोटरों का ठेका दिया गया है, उसके रेट बाजार भाव से दस से पंद्रह हजार रुपये अधिक हैं। जबकि अन्य कंपनियों की मोटर उनसे काफी कम रेट में मिल रही है। सुभाष, राजेंद्र ने कहा कि उनके पास पहले से सबमर्सीबल और मोनोब्लॉक मोटर हैं। लेकिन फिर भी उन पर ट्यूबवेल की मोटर खरीदने की शर्तें थोपी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री व बिजली मंत्री से अपने खेतों में ट्यूबवेल के लिए अपनी मर्जी से किसी भी कंपनी की मोटर खरीदने और जिस किसान के पास सबमर्सीबल या मोनोब्लॉक मोटर है, उनसे पैसे जमा न करवाने की गुहार लगाई है। किसानों का ज्ञापन लेने के बाद एसडीएम वीरेंद्र ढुल ने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात करते हुए मामले को सुलझाने के निर्देश दिए हैं।