संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सोमवार को लोग सुबह से ही मानसून की बारिश का इंतजार करते रहे। शाम छह बजे तक आसमान में बादल तो छाए रहे, तेज हवाएं भी चलती रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। किसान भी पूरा दिन बारिश की बाट जोह रहे थे, लेकिन बारिश नहीं होने से निराशा हाथ लगी।
गौरतलब है कि चार दिन पहले मानसून की बारिश होने की विभाग की ओर से संभावना जताई गई थी। लेकिन अब तक जिले में बारिश नहीं हुए। जिससे मौसम विभाग के दावे फैल हो गए। बीते चार दिनों से बारिश होने की स्थिति तो बन रही है, लेकिन बारिश नहीं हो रही। सुबह के समय बादल छा जाते हैं, दिन में हवाओं के चलते बादल छट जाते हैं।
किसान बारिश होने की हर रोज बाट जोह रहे हैं, लेकिन बादल बेरुखी दिखाते हैं। इसके साथ ही दिन में धूप खिलने से उमस भरी गर्मी भी लोगों को परेशान करती है। दिनभर लोग पसीने से तरबतर रहे। शाम छह बजे तक आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। अधिकतम तापमान 35.2 न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
किसानों का हरदीप सिंह, रोहतश, राजेश कुमार का कहना है कि धान की फसलों के लिए इस समय बारिश की बहुत ही आवश्यकता है। जब तक बारिश नहीं होगी धान की फसल में ग्रोथ नहीं होगी। जिले में काफी किसान तो बारिश होने के बाद ही धान की रोपाई करते हैं, लेकिन इस बार मई व जून पूरा सुख निकल गया। अब तक बारिश नहीं हुई।
दो से छह जुलाई तक को दिनभर बादल छाए रहने के साथ साथ गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। छह जुलाई तक किसी भी दिन बारिश हो सकती है। जिससे किसानों को फायदा होगा। -डॉ. रमेश वर्मा, कैथल कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक।