संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में धान का बीज न मिलने से किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस कारण पिछले करीब एक सप्ताह से अनाज मंडी में बने बीज खरीद केंद्र में लगातार किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। यह समस्या पिछले तीन से कुछ अधिक हो गई है।
नाराज किसानों का आरोप है कि जिले में कोई भी ऐसा बीज खरीद केंद्र नहीं है, जहां पर किसानों को आसानी से बीज मिल रहा हो। बुधवार को भी शहर की नई अनाज मंडी में धान का बीज लेने के लिए किसानों की लंबी-लंबी लाइनें लगी। वहीं, बीज न मिलने से परेशानी किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले काफी समय से उनकी जरूरत के अनुसार बीज नहीं मिल पा रहा है। इस कारण वे सुबह ही लंबी लाइनों में लग जाते हैं। फिर भी केवल एक ही थैली बीज की मिल पाती है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही ढांड की अनाज मंडी में कड़कड़ाती धूप में किसानों को बीज लेने के लिए काफी लड़ाई लड़नी पड़ी थी। बीज लेने के लिए पहुंचे किसानों कहा कहना था कि पिछले कई दिन किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार धान का बीज नहीं मिला। उन्हें केवल धान के बीज का केवल एक ही थैला दिया जा रहा हे। इस थैले में तो एक एकड़ में सही तरीके से धान की फसल की बुलाई नहीं हो सकती है।
वहीं, बुधवार को किसानों की मदद के लिए कुछ किसान संगठन आगे आए और गर्मी में किसानों को पीने का पानी व खाना उपलब्ध करवाने के लिए कदम उठाया। भातरीय किसान यूनियन धन्ना भगत के पदाधिकारी होशियार गिल ने बताया कि धान के बीज की थैली लेने के लिए लंबी लाइन लगी थी। इसकी सूचना जैसे ही उन्हें मिली तो वे किसानों की मदद के लिए आगे आए और मौके पर ही पानी और खाने की व्यवस्था की गई।
इस मौके पर मार्केट कमेटी के सचिव बसाऊ राम ने भी सहयोग किया। इस मौके पर कुलदीप मलिक खुराना, सतीश खुराना, गुरमीत बेनीवाल, बॉबी मलिक खुराना, किताब सिंह रोहेड़ा मौजूद रहे।
पीआर धान 7501 का बीज बना किसानों के लिए परेशानी का सबब
ढांड। पीआर धान 7501 का बीज किसानों के लिए परेशानी का सबब बना है। बुधवार को ढांड के एक बीज विक्रेता के पास बीज मिलने की भनक पर किसानों की लाइनें लग गई।
नाराज किसानों बलजीत सिंह, सुभाष चंद, राजेंद्र, कमल, बलवान, वेदप्रकाश, सुरेश कुमार, बलकार सिंह ने बताया कि दिनभर गर्मी में लाइन में भी लगे रहे, लेकिन बीज फिर भी नहीं मिला। किसानों ने दुकानदार पर अपने चहेतों में बीज बांटने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उनकी बारी आई तो दुकानदार कहने लगा कि जिनके दो दिन पहले आधार कार्ड ले रखे है केवल उन्हें ही बीज मिलेगा। किसानों ने बताया कि बार-बार पूछे जाने पर भी दुकानदार ने यह नही बताया कि कितनी थैली बीज की आई है। जाजनपुर की बुजुर्ग बतेरी देवी, चूहडमाजरा की ओमपती व सुलतान ने बताया कि एक सप्ताह के बाद चार घंटे गर्मी में पसीना बहा कर खड़े होकर एक-एक थैली बीज की मिल सकी है। संवाद