कैथल। धान के सीजन में इस बार कैथल अनाज मंडी में ऑनलाइन खरीद होगी। जिसके लिए मंडी में आढ़तियों व किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। प्रदेश की 27 अनाज मंडियों में इस बार प्रयोग के तौर पर ऑनलाइन खरीद सिस्टम लागू किया जा रहा है। जिसमें किसान अपनी धान को देश के किसी भी कोने में बेच सकेंगे।
इस कार्य के लिए नई अनाज मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय के अधिकारी दिन-रात जुटे हुए हैं। नई व्यवस्था को लेकर आढ़तियों में जहां रोष है। वहीं किसानों को भी फिलहाल पूरी तस्वीर साफ नहीं हो रही है। योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी फसल की सबसे अधिक कीमत दिलवाना है।
देश में कहीं भी बेच सकेंगे किसान अपनी फसल
नई व्यवस्था के अनुसार प्रदेश में मार्केटिंग बोर्ड द्वारा 27 अनाज मंडियों में इस बार ऑनलाइन खरीद की व्यवस्था की गई है। जिसमेें किसानों की फसल का वजन मंडी के गेट पर ही हो जाएगा। इसके बाद उस ट्राली पर टैग लगकर एक सैंपल लिया जाएगा। जो मार्केटिंग बोर्ड में लगाई गई लैब में टेस्ट होगा।
इस लैब में धान में नमी की मात्रा, रंग, दाने के साइज सहित अन्य बातों पर ध्यान रखते हुए रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ऑनलाइन बोली लगाई जाएगी। सबसे अधिक कीमत मिलने पर किसान अपनी फसल संबंधित व्यक्ति या फर्म को बेच देगा।
बोली स्थानीय खरीदारों के अलावा देश में बैठा कोई भी व्यापारी लगा सकता है और किसान भी कहीं भी अपनी फसल को ऑनलाइन बेच सकता है। उसका भुगतान उसके बैंक खाते में आ जाएगा और जिस आढ़ती के माध्यम से वह फसल बेचेगा, उसकी आढ़त आढ़ती के खाते में जाएगी।
आढ़तियों व किसानों का किया जा रहा है रजिस्ट्रेशन
योजना के लिए किसानों व आढ़तियों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। कैथल अनाज मंडी के अंतर्गत आने वाले गांवों में अब तक 6000 किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। वहीं नई व पुरानी अनाज मंडी के करीब 550 से अधिक आढ़तियों का भी रजिस्ट्रेशन हो चुका है।
मार्केट फीस चोरी सहित अन्य गड़बड़ियों पर लगेगी रोक
योजना के तहत किसानों को अपनी फसल की अधिकतम कीमत मिल जाएगी। साथ ही पारदर्शिता के कारण मार्केट फीस की चोरी भी रुकेगी। सीजन में नमी, धान के रंग व साइज को लेकर किसान के साथ होने वाला शोषण रुकेगा। किसान संतुष्ट होकर अपनी फसल बेच सकेगा।
ये रहेंगी खामियां
सीजन में मंडी में हजारों की संख्या में ट्रालियां आती हैं। अधिकतर धान मंडी से बाहर भी डाला जाता है। गेट पर कांटा लगाकर तौल करना संभव नहीं हो पाएगा। सैंपलिंग व्यवस्था में भी खामी बताई जा रही है। सैंपल अच्छी ढेरी का लेकर उसकी जगह दूसरी ढेरी भी बेचने की संभावनाएं रहेंगी।
फसल का भुगतान किसानों के खाते में पहुंचने के कारण आढ़तियों द्वारा किसानों को उधार दी गई राशि निकलवाने पर कई किसानों व आढ़तियों में विवाद भी हो सकता है।
किसानों के हित में सरकार ने ऑनलाइन खरीद सेवा शुरू की है। इसके जन कल्याणकारी परिणाम आएंगे। किसान, आढ़तियों व स्वयं विभाग को इस योजना का लाभ होगा। इसमें किसी के साथ गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। फिलहाल किसानों व आढ़तियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा रहा है।
संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी
सरकार की यह योजना किसानों व आढ़तियों के दशकों से चले आ रहे संबंधों को खराब करने की साजिश है। जिससे किसानों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। केवल सीजन में परेशानियों के अलावा उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा।
अश्विनी शोरेवाला, पूर्व प्रधान, नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन