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धान की खरीद नहीं हुई तो भड़के किसान

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35-गुहला चीका। चीका कैथल रोड़ पर जाम लगा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। - फोटो : Kaithal
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गुहला-चीका। पिछले दिनों से चल रही आढ़तियों की हड़ताल के चलते जब मंडी में धान की खरीद नहीं हुई तो बुधवार को किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। साथ ही धरना शुरू कर दिया। बाद में जब सुनवाई नहीं हुई तो किसानों ने चीका कैथल मार्ग पर जाम लगा दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में नायब तहसीलदार ने किसानों को बृहस्पतिवार से खरीद शुरू करवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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जाम लगाए किसान हरदीप सिंह, कुलविंद्र सिंह नंबरदार बदसुई, नरेंद्र बराड़ चक्कू, परमजीत सिंह, संदीप संधू पीडल, गुरमीत सिंह, मनप्रीत सिंह, जस्सा, गुरजंट खराल ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों का धान मंडियों में न बिक सके, इसीलिए सरकार हर बार सीजन से पहले ऐसी नीतियां बनाकर आढ़तियों को परेशान करना शुरू कर देती है, जिसके चलते वे हड़ताल पर जाने को मजबूर हो जाते हैं। किसानों ने कहा कि पिछले तीन दिनों से मंडियों धान की खरीद नहीं हो पा रही।
मंडियों में धान के अंबार लग गए है। किसान नरेंद्र व हरदीप ने कहा कि यदि मंडी में पड़ी किसानों की धान अगले एक या दो दिनों में नहीं बिका तो उसमें से धुआं निकलना शुरू हो जाएगा। इससे धान की फसल खराब हो सकती है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि आढ़तियों की मांगों को तुरंत प्रभाव से मानते हुए मंडियों में धान खरीद का काम शुरू करवाया जाए। किसानों द्वारा कैथल चीका मार्ग पर दिए जा रहे धरने को समर्थन करने मंडी के आढ़ती भी पहुंचे। मंडी प्रधान सतपाल जैन ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की मार आढ़ती और किसान दोनों को झेलनी पड़ रही है। किसानों के जाम लगाए जाने की सूचना पर नायब तहसीलदार सुशील कुमार किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने बृहस्पतिवार दोपहर तक खरीद शुरू करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही किसानों न जाम खोला।
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