संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नई अनाज मंडी से तीन आढ़तियों की ओर से किसानों के करीब 10 करोड़ रुपये लेकर भागने के आरोप मामले में सोमवार को जवाहर पार्क में किसानों ने बैठक की। इसमें किसानों ने रुपये वापस निकलवाने को लेकर रणनीति बनाई। इसके तहत किसानों ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया। इसमें किसान दलबीर प्यौदा, रामनिवास चहल, ताराचंद, रणधीर व भोपाल डोहर शामिल हैं।
अब यह कमेटी गांव-गांव जाकर लोगों से अपील करेगी कि अगर किसानों को उनका रुपये नहीं मिला तो ग्रामीण आगामी दिनों में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होकर किसानों का साथ दें।
यह है मामला ः कैथल में दो आढ़ती व एक मिल मालिक किसानों ने उनक फसल की भुगतान का करीब 10 करोड़ रुपये लेकर भागने का आरोप लगाया था। आरोपी आढ़तियों ने किसानों को भुगतान करने के लिए अपनी दुकान पर बुलाया था, लेकिन वे खुद वहां नहीं पहुंचे और भाग गए। इस संबंध में किसानों ने दुकान के सामने प्रदर्शन भी किय था।
गौरतलब है कि कई गांवों के किसानों ने केशव ट्रेडिंग कंपनी व देवीदयाल रजत कुमार को अपनी दोनों सीजन की फसल बेच रखी है। फर्म मालिक शीशपाल उर्फ माकड़ व ऋषिपाल उर्फ कालू हैं। किसानों ने गेहूं उपरोक्त फर्म के मालिकों शीशपाल व ऋषिपाल के कहने पर सांवरिया राइस ग्रेन मिल चंदाना में बेची थी।
मिल का मालिक प्रवीण खुरानिया है। अन्य कई गांवों के किसानों ने भी फर्म के आढ़तियों के कहने पर सांवरिया राइस ग्रेन मिल में गेहूं की फसल बेची है। आढ़ती शीशपाल व ऋषिपाल ने उसे 22 अप्रैल को पैसे लेने बुलाया था। किसान जब केशव ट्रेडिंग कंपनी व देवीदयाल, रजत कुमार की दुकान पर पैसे लेने अनाज मंडी कैथल पर पहुंचे तो उनको दुकान पर कोई नहीं मिला।
उनको फोन किया तो वे भी बंद मिले। शीशपाल व ऋषिपाल के घर हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी कैथल में पहुंचे तो घर पर ताला लगा हुआ मिला। सांवरिया राइस मिल पर गए वहां पर कोई गेहूं की फसल नहीं मिली थी।
भाजपा जिलाध्यक्ष से मिले
बैठक करने के बाद सभी किसान भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी से मिलने पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उनके रुपये दिलवा दिए जाएंगे। मामले में किसानों का कहना है कि अब वे जल्द मामले के संदर्भ में मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे। उधर, इस संबंध में पुलिस ने भी किसानों को जल्द ही उनका भुगतान करवाने का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक वह एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।