संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में पराली जलाने वाले किसानों पर जिला प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। इसके तहत अब तक पूरे जिले में 68 किसानों के खेत रेड एंट्री में शामिल कर दिए हैंै। वहीं, अभी तक पूरे जिले में 16 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि पुलिस ने इन किसानों को गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही जमानत पर छोड़ दिया था।
गौरतलब है कि जिले में अब पराली जलाने के 127 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें से दो लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किसानों पर लगाया गया है। वहीं, सोमवार को पराली जलाने का एक भी मामला सामने नहीं आया था। इसके साथ ही मंगलवार को दूसरे दिन भी कृषि विभाग को पराली जलाने की कोई नई लोकेशन नहीं मिली है। जिससे जिला प्रशासन को थोड़ी राहत जरूर मिली है।
जिले में बढ़ रहे पराली जलाने के मामले के बाद से जिला प्रशासन ने काफी सख्ती की थी। इसके बाद धड़ल्ले पराली जलाने वाले किसानों पर पहले एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। इस मामले में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेशों पर पराली न जलाने को लेकर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
इसी कड़ी में अब तक 68 किसानों की रेड एंट्री की गई है। इसे पोर्टल पर भी चढ़ा दिया गया है। किसानों को रेड एंट्री करने के विरोध में किसानों ने मंगलवार को गुहला-चीका में तहसीलदार कार्यालय में प्रदर्शन भी किया। जानकारी मिली है कि अभी तक करीब दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
पराली जलाने के मामलों में दो दबोचे
आदेशों की अवहेलना कर पराली जलाने के दो अलग-अलग मामलों की जांच दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थाना पूंडरी पुलिस ने दो मामलों में एचसी विनोद कुमार व पीएसआई दीपक कुमार की टीम ने गांव हजवाना व गांव हाबड़ी निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया।
गौरतलब है कि अब तक 22 किसानों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इन आरोपियों ने पराली के अवशेष जलाकर सरकारी आदेशों की अवहेलना की थी। एसपी राजेश कालिया ने किसानों से पराली अवशेष न जलाने की अपील की।
लापरवाही बरतने पर कृषि विभाग में कार्यरत तीन सुपरवाइजर निलंबित
एक तरफ जहां सरकार की ओर से पराली जलाने के मामले में किसानों पर सख्ती की गई है। वहीं, कृषि विभाग के कर्मियों पर सरकार ने सख्ती लाना शुरू कर दिया है। 42 को नोटिस दिए गए।
इसी कड़ी में मंगलवार को कृषि विभाग के मुख्यालय ने पत्र जारी कर कैथल में तीन कृषि सुपरवाइजरों को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं। इसमें कृषि विभाग में कार्यरत सुपरवाइजर दीपक, हरप्रीत सिंह और यादविंद्र को सस्पेंड किया गया है।
सुबह स्मॉग से परेशानी, एक्यूआई रहा 266, शाम को बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में पिछले कुछ दिन से बढ़े हुए वायु प्रदूषण के स्तर के कारण सुबह और शाम के समय घना स्मॉग छा रहा है। इससे आंखों में जलन और सांस के मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है। मंगलवार को भी वायु प्रदूषण (एक्यूआई) 300 से कम रहा, लेकिन यह पिछले दो दिन की अपेक्षा अधिक रहा।
सुबह के समय तो वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 266 और शाम के समय 277 पर आंका गया। गौरतलब है कि रविवार और सोमवार को लगातार दो दिन तक वायु प्रदूषण का स्तर घटने के बाद लोगों को कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन फिर से 300 के करीब वायु प्रदूषण का स्तर होने से बीमारियों के बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
सिविल सर्जन ने देखरेख के दिए आदेश ः जिला नागरिक अस्पताल में पिछले कई दिन से आंखों और सांस के मरीजों की ओपीडी लगातार बढ़ रही है। इस स्थिति में स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया है। ऐसे में अब जिला सिविल सर्जन ने सरकारी अस्पताल में आने वाले आंखों और सांस के मरीजों की बेहतर ढंग से देखभाल करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने कहा कि इस समय वायु का प्रदूषण स्तर बढ़ने से आंखों में जलन की समस्या और सांस के बीमारियों के बढ़ने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए संबंधित चिकित्सकों को आदेश जारी किए हैं, वे अस्पताल में आने वाले मरीजों की गहनता से जांच करें और उन्हें बेहतर उपचार दें। सलाह दी किक धूल मिट्टी वाले स्थान पर काम करते समय काले चश्मे का प्रयोग करें। आंखों में एलर्जी होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
एफआईआर के विरोध में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
गुहला-चीका। पराली जलाने पर प्रशासन की ओर से किसानों पर दर्ज किए जा रहे मुकदमों व उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के विरोध में मंगलवार को किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
एसडीएम की गैर मौजूदगी में तहसीलदार मनजीत सिंह ने किसानों से ज्ञापन लिया। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह व सर छोटू राम गुहला इकाई के जिला प्रधान जगदेव पुनिया बदसुई, स्टेट कोर कमेटी सदस्य जस्सा पूनिया व जिला महासचिव तेजेंद्र पूनिया ने कहा कि फसल खरीद पर रोक लगाने का फरमान निंदनीय है। इस मौके पर तेजेंद्र विर्क, चरणजीत सिंह, लाभ सिंह, मियां सिंह, मलकीत सिंह, लाडी, गुरनाम सिंह मौजूद रहे। संवाद