शुक्रवार रात दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल गांव सेरहधा के किसान अमरपाल की अचानक सीने में दर्द होने के चलते मौत हो गई। खाना खाते समय उसे दर्द हुआ था। किसान उसे नजदीकी अस्पताल में ले गए। जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शनिवार को कैथल में पोस्टमार्टम के बाद किसानों ने 32 वर्षीय किसान अमरपाल का अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार में भारी संख्या में किसान शामिल हुए। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने भी गांव में पहुंच कर मृतक के परिवार को सांत्वना दी।
मिली जानकारी के अनुसार अमरपाल दो दिन पूर्व गांव से अपनी ट्राली लेकर अन्य किसानों के साथ दिल्ली के टिकरी बॉर्डर गया था। जहां शुक्रवार की रात को अचानक उसे सीने में दर्द हुआ। साथी किसान उसे अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार की सुबह किसान एंबुलेंस की बजाए अपनी ट्राली में ही लेकर घर आए। उसके शव पर किसान एकता जिंदाबाद लिखा हुआ कफन रखा गया। किसान एकता जिंदाबाद, अमरपाल शहीद रहे जैसे नारे लगाकर किसान उसके शव को गांव सेरहधा लेकर पहुंचे। जहां किसानों ने नम आंखों के साथ उसका अंतिम संस्कार कर दिया। हजारों की संख्या में किसानों लोगों व किसान यूनियन नेताओं ने पहुंच कर हिस्सा लिया। 32 वर्षीय किसान नेता अमरपाल अपनी छोटी सी खेती-बाड़ी के साथ अपने परिवार का पालन पोषण करता था, इसके माता-पिता की मृत्यु पहले हो चुकी है। इसका छोटा भाई 25 वर्षीय मोनू शादीशुदा है, वह भी खेती का काम करता है। मृतक किसान अमरपाल अपने पीछे 28 वर्षीय पत्नी कुसुम, एक आठ वर्षीय लड़का अंशु व 05 वर्षीय लड़की अंशिका पीछे छोड़ गए हैं। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।