कैथल। बासमती किस्म के धान भाव अबकी 5300 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। भाव बढ़ने से किसानों में खुशी से चेहरे खिले हैं। पिछली बार बासमती किस्म के धान का भाव 2500 रुपये प्रति क्विंटल था। इस बार इसका दोगुना भाव पांच हजार से अधिक 5300 रुपये पर पहुंच गया है जबकि तीन दिन पहले ही इस किस्म के धान का भाव चार हजार रुपये प्रति क्विंटल था। किसानों का कहना है कि बासमती धान का इतने अधिक दाम मिलने से उनकी मेहनत सफल हुई है।
गौरतलब है कि कैथल में होने वाले बासमती धान की विदेशों तक महक है। इस खुशबूदार बासमती धान की कैथल से अरब के देशों में पहचान है। वहीं, इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा बहुत कम किसानों ने बासमती धान लगाया है इसलिए इसके दाम इस बार अधिक मिल रहे हैं। पिछले दो साल से हैफेड भी अच्छे दामों में बासमती किस्म के धान की खरीद कर रहा है। इस वर्ष जिले में 10 हजार से अधिक एकड़ में बासमती किस्म के धान की खेती की गई है जबकि पिछले वर्ष इससे दोगुना 20 हजार एकड़ में बासमती धान की खेती की थी।
ज्यादा भाव से किसानोें को लाभ
गांव हरसौला निवासी किसान सुखबीर सिंह ने बताया कि वह सोमवार को बासमती किस्म का धान बेचने के लिए नई अनाज मंडी में पहुंचा। इस बार मंडी में बासमती धान के भाव अधिक है। इससे किसानों को काफी लाभ हो रहा है। इस बार दोगुना दाम मिला है। यदि इसी प्रकार से फसल के दाम मिलेंगे तो किसानों की आय दोगुनी होगी।
किसानोें के चेहरों पर रौनक
किच्छाना के किसान रमेश कुमार ने बताया कि बासमती धान के भाव इस बार अच्छे मिल रहे हैं। भाव अधिक मिलने से किसानों के चेहरों पर रौनक है। उसके द्वारा लाया गया बासमती किस्म का धान 5300 रुपये प्रति क्विंटल बिका है। जबकि पिछले वर्ष इसका दाम महज 2500 रुपये प्रति क्विंटल था।
किसानों को काफी फायदा
नई अनाज मंडी के आढ़ती विवेक ने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार दो हजार से 2500 रुपये अधिक दाम किसानों को बासमती धान का मिला है। यह पिछले वर्ष से अधिक हैं। किसानों को काफी फायदा मिला है।
मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश ने बताया कि मंडी में किसानों व आढ़तियों को सभी सुविधाएं देने के लिए व्यवस्था की गई है। आढ़तियों व किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आ रही है। इस बार बासमती धान के भी दाम अधिक मिल रहे हैं।
अब तक आठ लाख मीट्रिक टन धान खरीदा
कैथल। जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीद एजेंसियों ने अब तक आठ लाख 31 हजार 763 मीट्रिक टन धान खरीदा है। डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने बताया कि गत वर्ष इस अवधि में जिला में 7 लाख 34 हजार 555 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। खरीद एजेंसियों में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सबसे अधिक चार लाख 33 हजार 419 मीट्रिक टन धान खरीदा है जबकि दो लाख 17 हजार 454 मीट्रिक टन हैफेड और एक लाख 80 हजार 890 मीट्रिक टन हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन ने खरीदा है।
मंडियों से खरीदे गए धान में से आठ लाख 22 हजार 675 मीट्रिक टन धान का उठान भी किया जा चुका है। जिले की अरनोली मंडी में 5134 मीट्रिक टन, ढांड मंडी में एक लाख 28 हजार 549, गुहला चीका मंडी तीन लाख 54 हजार 881 मीट्रिक टन, कैथल मंडी में एक लाख 76 हजार 726 मीट्रिक टन, कलायत मंडी में 11 हजार 38 मीट्रिक टन, कौल मंडी में 4038 मीट्रिक टन, पाई मंडी में 7477 मीट्रिक टन, पूंडरी मंडी में 66 हजार 594 मीट्रिक टन, राजौंद में 12 हजार 809, रामथली में 38 हजार 650 मीट्रिक टन और सीवन मंडी में 25 हजार 867 मीट्रिक टन धान की खरीदा है।