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Kaithal News: फसल बिकने के इंतजार में किसान, भीगने से नमी बढ़ी

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कैथल की नई मंडी में सुखने के लिए फैलाई गई धान। संवाद
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कैथल। अनाज मंडियों में जगह न होने के कारण अब धान की फसल मंडियों के बाहर सड़क और पूंडरी में बस स्टैंड तक पहुंच गई है। उठान न होने से पूरी मंडी जाम है जिसके कारण किसान अपनी फसल सड़कों और बस स्टैंड परिसर में उतारने के लिए मजबूर हैं। इस बीच हुई बारिश ने किसानों की चिंता को और बढ़ा दिया है। खुले आसमान के नीचे पड़ा धान भीगने से उसमें नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है।
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फसल बिकने के इंतजार में दिन-रात मंडियों में डटे गांव डोर के किसानों महेंद्र और सिंघा राम का कहना है कि धान भीगने से अब उन्हें दोहरा नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने आरोप लगाया कि धान में नमी बढ़ने का बहाना बनाकर अब खरीदार और आढ़ती मनमाने रेट कट (कटौती) लगाएंगे। इसके कारण किसानों की छह महीने की कमाई मंदे दामों में पीटेगी। पहले ही उठान की सुस्त रफ्तार से परेशान किसान अब मौसम की मार से पूरी तरह टूट चुके हैं। किसानों का कहना है कि सरकार तुरंत नमी के नियमों में ढील दे और भीगे हुए धान की सरकारी खरीद सुनिश्चित करे, ताकि उन्हें भारी आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
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डीसी अपराजिता ने बताया कि जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद लगातार जारी है। 12 अक्तूबर तक जिले की मंडियों में कुल 2 लाख 77 हजार 268 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि 1 लाख 4 हजार 981 मीट्रिक टन धान का उठान हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से मंडियों में खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने और उठान में तेजी लाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि खरीद एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अब तक 1,39,301 मीट्रिक टन धान की खरीद की है जिसमें से 51,880 मीट्रिक टन का उठान किया जा चुका है। इसी प्रकार हैफेड ने 91,907 मीट्रिक टन धान खरीदा है और 36,321 मीट्रिक टन का उठान किया है। हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 46,060 मीट्रिक टन धान की खरीद की है जिसमें से 16,780 मीट्रिक टन का उठान हुआ है।
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मंडियों एवं खरीद केंद्रों के अनुसार, ढांड मंडी में सर्वाधिक 44,131 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। इसके बाद कैथल की अतिरिक्त मंडी में 38,704 मीट्रिक टन, गुहला चीका की नई मंडी में 38,048 मीट्रिक टन और पूंडरी मंडी में 35,717 मीट्रिक टन धान की खरीद दर्ज की गई है। अन्य मंडियों में अरनौली में 3,453 मीट्रिक टन, भागल में 3,309 मीट्रिक टन, धनौरी में 173 मीट्रिक टन, गुहला चीका की पुरानी मंडी में 20,317 मीट्रिक टन, कैथल की पुरानी मंडी में 3,485 मीट्रिक टन और कैथल की नई मंडी में 28,854 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसी प्रकार कलायत मंडी में 7,139 मीट्रिक टन, कांगथली में 2,142 मीट्रिक टन, कौल में 5,432 मीट्रिक टन, पाई में 6,464 मीट्रिक टन, राजौंद में 3,280 मीट्रिक टन, रामथली में 8,369 मीट्रिक टन और सीवन मंडी में 10,750 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
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डीसी अपराजिता ने खरीद एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया सुचारू बनाए रखने और मंडियों से खरीदे गए धान का समय पर उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि किसानों को मंडियों में आवश्यक सुविधाएं मिलें और फसल की खरीद एवं उठान में अनावश्यक देरी न हो।

कैथल की नई मंडी में सुखने के लिए फैलाई गई धान। संवाद

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