कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विवि में विद्यार्थी ओमकार को पेट में अचानक असहनीय दर्द हो गया। वह बाथरूम में गिर गया लेकिन उसे प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका। करीब एक घंटे तक बाद दूसरे विद्यार्थियों ने उसे देखा और वहां से उठाया और बाहर कुर्सी पर बैठाया। इसके बाद विश्वविद्यालय से दवा की व्यवस्था का प्रयास किया, लेकिन एक घंटा बीत जाने के लिए भी नतीजा सिफर रहा।
इससे नाराज ओमकार सहित अन्य विद्यार्थियों ने विवि स्टॉफ पर आरोप लगाया कि कई शिक्षक विद्यार्थियों को कोई परेशानी हो तो वह किसी प्रकार का कोई सहयोग नहीं करते। उन्होंने कहा कि जब एक घंटा विवि में दवा की व्यवस्था नहीं हुई तो इसके बाद विश्वविद्यालय के उप कुलपति के संज्ञान में यह मामला पहुंचा। इसके बाद विद्यार्थी को कैथल नागरिक अस्पताल में लाया गया। जहां पर विद्यार्थी का उपचार चल रहा है।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के लिए विवि में प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एंड) की व्यवस्था होनी आवश्यक है। ताकि अचानक किसी विद्यार्थी को दर्द हो या चोटिल हो जाए उसे समय पर दवा उपलब्ध हो सके। विद्यार्थियों के साथ हुई इस लापरवाही का भगत सिंह विद्यार्थी परिषद ने पुरजोर विरोध किया। संगठन के नव निर्वाचित अध्यक्ष पंकज भारतीय ने बताया कि विश्वविद्यालय में कोई चिकित्सा व्यवस्था नहीं, जो तुरंत प्रभाव से की जाएं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर भी संज्ञान ले। महिला अध्यक्ष पूजा रानी ने उपकुलपति के समक्ष अपनी बात रखी। पूजा ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमसे विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारी अभद्रता से पेश आते हैं, जो अच्छा नहीं हैं। कोषाध्यक्ष रवि लोट ने कहा जब विद्यार्थी अपनी समस्या लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं तो वो हर समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। परिषद के संस्थापक सर्जन सिंह, रोहित, सुनील, मुकुल, हरनिंद्र व सुषमा मौजूद रहे।
कुछेक विद्यार्थी हैं जो नेतागिरी कर रहे हैं। विश्वविद्यालय में फर्स्ट एड जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विश्वविद्यालय का कोई संगठन नहीं है।
-उपकुलपति रमेशचंद्र भारद्वाज