संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृति विश्वविद्यालय के 37 विद्यार्थियों ने सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय विशेष शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत पंचकूला स्थित नेचर कैंप थापली और कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का अध्ययन दौरा किया। इस भ्रमण में 26 छात्राएं और 11 छात्र शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भ्रमण कर प्रकृति के साथ हरियाणा की संस्कृति को समझा।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को प्रकृति, संस्कृति और हरियाणा की समृद्ध धरोहर से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना था। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजबीर सिंह के निर्देशन में शुरू हुए इस दौरे में शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. संजय गोयल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्राकृतिक संरक्षण, पारिस्थितिकी, सांस्कृतिक विरासत और इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं का अवलोकन किया।
थापली में मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि यह पहल युवाओं को हरियाणा के धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। इससे युवाओं में अपनी विरासत के प्रति गर्व और गहरी समझ विकसित होती है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन भारतीय दर्शन, अध्यात्म और संस्कृति को निकटता से समझने का अनूठा अवसर प्रदान करता है।
युवा कल्याण संयोजक डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह राज्य स्तरीय योजना 19 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक विभिन्न विश्वविद्यालयों की भागीदारी के साथ प्रतिदिन आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन बी.बी. सिंगल, विश्वविद्यालय से डॉ. शर्मिला, डॉ. गोविंद वल्लभ, अमन वर्मा, इंदु सहित शिवानी, विष्णु, प्रतिमा, अक्षय, प्रिया उपस्थित रहे।