कैथल। उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में खाली सीटों पर विद्यार्थियों के दाखिले बढ़ाने की कवायद शुरू की है। इसके तहत विद्यार्थियों को 31 अक्तूबर तक प्रवेश लेने का शेड्यूल जारी किया है। दाखिला पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा। हालांकि इस कवायद के चलते कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या तो बढ़ सकती है, लेकिन सिलेबस मध्य सत्र में होने के कारण नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
शिक्षकों का कहना है कि कॉलेजों में जिन विद्यार्थियों के दाखिले पहले हो चुके हैं, उनको शिक्षक करीब आधा सिलेबस पढ़ा चुके हैं। ऐसे में जो विद्यार्थी नए दाखिले लेंगे, उनको फिर शुरू से सिलेबस पढ़ाना शिक्षकों के लिए भी एक चुनौती रहेगी। उन्हें विद्यार्थियों की अतिरिक्त कक्षाएं लगानी पड़ेंगी, ताकि दूसरे विद्यार्थियों के बराबर शिक्षण कार्य को पहुंचाया जा सके।
गौरतलब है कि जिले में 15 सरकारी और निजी डिग्री कॉलेज हैं। इनमें विभिन्न कोर्सों में दाखिले के लिए 9500 सीटें निर्धारित की गई हैं। प्रथम वर्ष में अब तक औसतन 90 से 92 प्रतिशत सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। किसी कॉलेज में 10 प्रतिशत तो किसी में आठ प्रतिशत सीटें अभी खाली पड़ी हैं। सायंकालीन सत्र के कोर्सों में सीटें ज्यादा रिक्त हैं, जबकि प्रात:कालीन में अपेक्षाकृत कम सीटें खाली हैं। ऐसे में अब कॉलेजों में प्रबंधन को सभी सीटों पर दाखिले होने की उम्मीद है।
महाविद्यालयों के जिला नोडल अधिकारी एवं कलायत राजकीय कन्या कॉलेज के प्रिंसिपल राजेश सैनी ने बताया कि नए दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का सिलेबस भी अन्य विद्यार्थियों को पढ़ाए जाने वाले अध्यायों से शुरू किया जाएगा। जो सिलेबस पहले पढ़ाया जा चुका है, उसके लिए विद्यार्थी अपने शिक्षकों के संपर्क में रहेंगे और पहले हो चुके कार्य को पूर्ण करेंगे।