पूंडरी। श्री कृष्ण कृपा कथा आयोजन समिति व भारत विकास परिषद फतेहपुर-पूंडरी की ओर से पूंडरी की अनाज मंडी में तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को कहा कि भागवत गीता का एक-एक श्लोक नहीं बल्कि एक-एक शब्द जीवन की अद्भुत प्रेरणा है। गीता साक्षात भगवान के श्रीमुख से प्रकट हुआ दिव्य अमृत है। इसके 18 अध्याय है और 700 श्लोक है तथा हर अध्याय का अपना नाम है।
वास्तव में भागवत गीता वो ग्रंथ है जो स्वाभाविक मुस्कान की प्रेरणा देती है और यदि इसके साथ जीना सीख लोगे तो आप को लगेगा कि कैसे पीड़ाओं में भी मुस्कराया जा सकता है। सही मायनों में यही गीता का ज्ञान है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हंसना, खिल-खिलाना और मुस्कराना मनुष्य मात्र को विरासत के रूप में दिया हुआ है, लेकिन विडंबना ये है कि आज इंसान मुस्कराना भूलता जा रहा है। संवाद
कथा सुनाते ज्ञानानंद महाराज।