कैथल। सात सालों से लटके हरियाणा के स्थानीय निकायों में सबसे बड़े प्रोजेक्ट सिटी स्क्वेयर की अनुमानित लागत अब एक करोड़ रुपये घट गई है। नगर परिषद अधिकारियों ने अब 54 के बजाय 53 करोड़ रुपये रिवाइज एस्टीमेट बनाकर रिपोर्ट विभाग मुख्यालय भेजी है। इसे जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। पिछले दो साल से भी ज्यादा समय से यह प्रोजेक्ट ठप पड़ा है। इस पर करीब 21 करोड़ रुपये की राशि खर्च आ चुकी है।
गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार में वर्ष 2015 में सिटी स्क्वेयर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था। तत्कालीन मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। इसके बाद हुए चुनाव में कांग्रेस सरकार चली गई। भाजपा सरकार आने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैथल में आयोजित रैली में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की घोषणा की थी। सीएम की घोषणा अनुसार काम भी तेजी से शुरू हो गया था।
इसी बीच सीएम फ्लाइंग द्वारा की गई जांच के बाद इस मामले में तत्कालीन चेयरपर्सन सहित नगर परिषद के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज हो गया था। इसके बाद से ही यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। सरकार द्वारा इस वर्ष पारित बजट में इस प्रोजेक्ट के लिए फंड की व्यवस्था की गई। इसके बाद पिछले सप्ताह चंडीगढ़ में हुई विभागीय अधिकारियों की बैठक में इस प्रोजेक्ट पर विस्तृत चर्चा के बाद फैसला लिया गया था कि प्रोजेक्ट के लिए रिवाइज एस्टीमेट बनवाकर काम शुरू करवाया जाए।
अब नगर परिषद में एमई राजकुमार शर्मा की अगुवाई में फिर से अनुमानित लागत रिपोर्ट तैयार करते हुए विभाग मुख्यालय भेज दी गई है। एमई राजकुमार शर्मा ने बताया कि सिटी स्कवेयर पर करीब 53 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत रिपोर्ट तैयार करते हुए विभाग मुख्यालय भेजी गई है। जैसे ही इसकी मंजूरी मिल जाएगी, इस पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। शहर में यह एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसके पूरा होने पर शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।