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अवैध कब्जा हटवाते समय हुई धक्का-मुक्की

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encroachment - फोटो : Kaithal
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गांव सिसमोर में सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा अवैध कब्जे को हटवाने के दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। जिस पर मौके पर मौजूद पुलिस ने विरोध करने वालों को हिरासत में ले लिया। अवैध कब्जों पर कार्रवाई के बाद उन लोगों चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह की अगुवाई मेें प्रशासन की टीम सुबह गांव सिसमौर मेेें पहुंची। जहां एसडीएम कोर्ट के आदेश पर अवैध कब्जा हटवाना शुरू कर दिया। जिसका कुछ लोगों ने हल्का विरोध किया। लेकिन भारी संख्या मेें पुलिस बल ने स्थिति संभाल ली। गांव की दो पार्टियों रामफल वर्सेज लछमन ने एक दूसरे पर रास्ते की जमीन पर अवैध कब्जा करके मकान बनाए हुए थे। यह मकान पिलनी रोड मोड़ के पास थे। सोमवार को जैसे ही ये आदेश अधिकारियों के पास आए तो वे भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचे और मकान की अवैध कब्जे वाली जमीन से चारदीवारी जे सी पी सहायता गिरवा दी है।
इस दौरान कार्यकारी एसएचओ तितरम अजमेर सिंह, बीडीपीओ फूल सिंह व लगभग 50 पुलिस कर्मचारी मौजूद थे। उधर, इस अवैध कब्जे को हटाने पर दोनो पक्ष नाखुश थे। एक दूसरे ने आरोप लगाया कि प्रशासन की मिली भगत के चलते उसकी कम जमीन से कब्जा हटवाया है। वहंी लछमन के लड़के सतीश कुमार ने बताया कि वह निशान देही लिये हुए है और उसकी मकान की जमीन में से तीन से चार फुट जमीन से ज्यादा कब्जा प्रशासन ने लिया है, जबकि रामफल की अवैध जमीन से कोई कब्जा नहीं लिया गया।
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उधर एसएचओ अजमेर सिंह ने बताया की कुछ ने विरोध किया था, जिसको अवैध कब्जा हटाने तक हिरासत में लिया, परंतु किसी के खिलाफ कोई पर्चा दर्ज नही किया गया। अवैध कब्जा शांति पूर्वक हटाया गया।
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