संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। कृषि विभाग कैथल में जिला स्तर के अधिकारी पर रिश्वत लेने संबंधी एक ऑडियो और रिश्वत की लिस्ट व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल हो रही है। इस आडियो में पेस्टीसाइड विक्रेताओं की फर्म और रिश्वत के रूप में दी गई राशि का पूरा ब्योरा दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह सूची कृषि विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी ने ही जारी की है।
लिस्ट में चार हजार से लेकर 20 लाख रुपये तक की रिश्वत का जिक्र है। अगर उक्त कर्मचारी द्वारा जारी की गई आडियो व लिस्ट को सही मान लिया जाए तो रिश्वत लेने वाले अधिकारी के साथ देने वाले पेस्टीसाइड विक्रेता भी तमाम सवाल खड़े होते हैं। कुछ पेस्टीसाइड विक्रेताओं ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कृषि विभाग पूरी तरह से भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि विभाग के कर्मचारी कभी स्टॉक रजिस्टर पूरा न होने के नाम पर तो कभी दवाइयों के सैंपल लेने का डर दिखाकर रिश्वत लेते रहे हैं। लिस्ट में छोटे दुकानदार से चार हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये और एक दुकानदार से 20 लाख रुपये की राशि लेना दर्शाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि 20 लाख रुपये रिश्वत देने वाला दुकानदार क्या किसानों को असली दवाई बेचता होगा।
गोदाम तो सील किया
पर कार्रवाई कुछ नहीं
पिछले दिनों कृषि विभाग के अधिकारियों ने चीका में एक पेस्टीसाइड का गोदाम सील किया था।
आरोप था कि इस गोदाम में नकली दवाइयों जमा की गई हैं। बाद में जब इस गोदाम को खोला गया तो उसमें से दवाइयां गायब मिलीं। आरोप है कि अधिकारियों ने मिलीभगत से मामले को रफा-दफ कर दिया।
जिस कर्मचारी ने रिश्वत संबंधी लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल की है, उसकी शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेज संदेह के घेरे में है, जिसको लेकर गत 11 जून को पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया है। उसी रंजिश में उक्त कर्मचारी ने रिश्वत लेने के संबंध में लिस्टें जारी कर मुझे बदनाम करने का प्रयास किया है। मेरे ऊपर लगाए गए रिश्वत लेने संबंधी सभी आरोप निराधार हैं। मैने आज तक रिश्वत का एक रुपया नहीं लिया। मैं निष्पक्ष और ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करता हूं।
बलवंत सहारण, जिला कृषि अधिकारी।