संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय में शनिवार को नशा मुक्ति के संबंध में डीसी डॉ. विवेक भारती ने अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक की। डीसी ने नशा मुकि्त पर जागरूकता का आह्वान किया गया।
उन्होंने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है। जिसके चंगुल में कई बार युवा पीढ़ी फंस जाती है। नशे की गर्त में जाने वाले इंसान को बचाना समाज की भलाई का सबसे बड़ा कार्य है। हम सभी को प्रण लेना चाहिए कि नशा मुक्ति जैसे अहम अभियान में सहयोग कर समाज को नशा मुक्त बनाएं।
डीसी ने कहा कि कलस्टर लेवल पर अभियान चलाकर आम जनमानस को नशा मुक्ति के बारे में जागरूक करें। ऐसे संभावित क्षेत्रों को चिह्नित करें, जहां पर नशा होने की संभावना है। ऐसे क्षेत्रों में पुलिस विभाग विशेष निगरानी रखें।
उन्होंने ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को निर्देश दिए कि जिला की सभी दवाइयों की दुकानों पर निरंतर चेकिंग हो। किसी भी स्थान पर प्रतिबंधित या नशीली दवाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि सभी आशा वर्कर अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखें। नागरिक अस्पताल में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र में बेड की संख्या बढ़ाई जाए।
डीसी ने कहा कि जिला खेल अधिकारी ग्रामीण परिवेश में खेलों की गतिविधियों को बढ़ावा दें। अगर कोई युवा नशे की गर्त में पड़ा है तो खेलों के माध्यम से भी उसे इस बुराई से छुटकारा दिलाया जा सकता है। शिक्षा विभाग स्कूली सभाओं में बच्चों को निरंतर नशे की बुराई के बारे में जागरूक करते रहें ।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का फर्ज है कि वह अपने आसपास के परिवेश में नशे के खिलाफ निरंतर स्वयं भी जागरूक हों और दूसरों को भी जागरूक करे। वार्डों व गांवों में नशे के खिलाफ बनाई गई कमेटियां भी सक्रिय होकर कार्य करें।
इस मौके पर एसपी राजेश कालिया, एसडीएम अजय सिंह, कृष्ण कुमार, सत्यवान सिंह मान, सीटीएम गुरविंद्र सिंह, डीएसपी कुलदीप सिंह, सीएमओ रेनू चावला, डीआरओ चंद्र मोहन, डीडीपीओ कंवर दमन, तहसीलदार रविंद्र हुड्डा, दिनेश कुमार, ईओ कुलदीप मलिक आदि मौजूद रहे।