हरियाणा के कैथल में कुरुक्षेत्र रोड बाईपास पर लगाई सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा के अनावरण के मुद्दे पर नाराज राजपूत समाज लगातार आंदोलित है। अब बुधवार को स्वाभिमान यात्रा निकालकर राजपूत समाज अपनी ताकत दिखाएगा। सेक्टर 19 के मैदान में प्रदेश व पूरे उत्तर प्रदेश से एक लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा समाज के नेताओं ने किया है।
गौरतलब है कि जिले के कलायत में 25 अगस्त से राजपूत समाज के लोगों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। इसके साथ ही राजपूत समाज के लोगों ने राजपूत समाज बाहुल्य गांवों में भाजपा नेताओं का प्रवेश भी बंद किया है। समाज के लोगों का मिहिर भोज की प्रतिमा पर गुर्जर शब्द लिखने पर एतराज जताया है।
तीन अक्तूबर को पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट के आदेशों के बाद इस शब्द को हटाने के आदेश जिला प्रशासन को दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने गुर्जर शब्द पर टेप लगा ढका था, लेकिन राजपूत समाज के लोग अभी भी विरोध में हैं। राजपूत समाज के नेता शलिंद्र राणा ने कहा कि जिला न्यायिक परिसर के पास सेक्टर 19 मैदान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इसके लिए राजपूत समाज के लोगों की तरफ से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुबह 11 बजे के बाद यहां पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत क्षत्रिय स्वाभिमान यात्रा भी निकाली जाएगी। इसके तहत यह यात्रा कार्यक्रम स्थल से शुरू होकर करनाल रोड, पिहोवा चौक, ढांड रोड मध्य मार्ग से होकर वापस कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल वीर देवेंद्र सिंह व शेर सिंह राणा करेंगे। साथ ही कार्यक्रम में किसान नेता पूर्ण सिंह, सुखदेव सिंह गोगा माड़ी, महीपाल सिंह मकराणा, करणी सेना के अध्यक्ष बीर प्रताप सिंह राणा, विनोद राणा थंबड़, गुरदीप राणा, प्रमोद राणा, बीरबल राणा, डॉ. संदीप राणा,, अजय प्रताप सिंह और प्रदीप राणा, रविंद्र राणा, राज शेखावत गुजरात सहित समाज के अन्य नेता पहुंचेंगे।
यह है पूरा मामला
कैथल में कुरुक्षेत्र बाइपास पर 20 जुलाई को गुर्जर समाज के स्थानीय नेताओं की तरफ से सम्राट माहिर भोज प्रतिमा का अनावरण किया था। इस प्रतिमा के आगे ‘गुर्जर’ शब्द लिखा गया था। इसके बाद से राजपूत समाज के लोगों में रोष है। हालांकि अब इस शब्द पर टेप लगा दिया गया है। इसी वजह से समाज के लोग अभी भी इसका विरोध कर रहे हैं। इस दौरान राजपूत समाज के लोगों पर लाठीचार्ज किया गया था। इस पर भी समाज के लोग एकजुट हुए हैं।