कैथल जिला नागरिक अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम है। कहने को इमरजेंसी वार्ड है लेकिन उसे खुद ‘उपचार’ की दरकार है। डॉक्टरों के 56 पदों के मुकाबले केवल 21 ही तैनात हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ भी एक है। शनिवार सुबह के समय शहर के सामान्य अस्पताल व पुराना अस्पताल बनाए गए स्वास्थ्य केंद्र में हालात का जायजा लेने पर मरीजों और तीमारदारों ने कई दिक्कतें बताईं।
जिला नागरिक अस्पताल में बनाए गए इमरजेंसी वार्ड के कमरों की छतों से बरसात के मौसम में पानी टपक रहा है। छत में सीलन आ चुकी है। बारिश होने के कारण यह कभी भी गिर सकती है। इसके साथ ही यहां पर बनाए गए पट्टी कक्ष व स्टोर रुम में टूटे हुए स्ट्रेचर रखे गए हैं।
यहां पर लगाए गए अधिकतर बेड के गद्दे तक फट चुके हैं। मरीजों ने आरोप लगाया कि विभाग ने प्रतिदिन चादर बदलने का शेड्यूल जारी किया है लेकिन ऐसा होता नहीं है। अर्जुन नगर के निवासी महावीर ने बताया कि वार्ड में बने शौचालयों में साफ-सफाई तो है, लेकिन अधिकतर टूटे हैं।
सामान्य वार्ड में नहीं है कूलर
गर्मी में मरीजों के लिए कूलर तक की व्यवस्था नहीं है। यहां पर एक शौचालय को स्टोर रूम बनाया गया है। यहां पर बिना प्रयोग में लाया जाने वाला सामान रखा है। इस कारण यह मरीजों के किसी काम नहीं आ रहा है। वार्ड में दाखिल सिरटा रोड निवासी राजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में सभी सुविधाएं नहीं मिल रही है। वार्ड में पंखे भी ठीक ढंग से नहीं चलते। यहां पर सुरक्षा कर्मी व अन्य कर्मचारी को कूलर के नीचे बैठते हैं जबकि मरीजों को हवा नहीं मिलती।
सिटी स्कैन की तरफ सीढ़ियों में गंदगी
इमरजेंसी वार्ड की तरफ बनाए गए सिटी स्कैन केंद्र से आगे बनी सीढ़ियों में गंदगी का आलम है। यहां पर कबाड़ गिराया गया है। इसमें टूटे हुए स्ट्रेचर, कुर्सियां व अन्य लोहे का सामान रखा गया है। प्रथम तल पर भी गंदगी फैली है। इसकी सफाई करने के लिए कोई जहमत नहीं उठाई गई हैं। ऑपरेशन थियेटर के लिए बनाई गई लिफ्ट भी अरसे से बंद है।
पुराना अस्पताल में बने स्वास्थ्य केंद्र में भी हालात बदतर
पुराना अस्पताल में बनाए गए स्वास्थ्य केंद्र में भी हालात बदतर है। यहां पर बनाई गई ओपीडी परिसर में छत का कुछ हिस्सा गिर चुका है। यहां पर मलबा ही ऐसे पड़ा है। जिसे उठाया नहीं गया है। वहीं इसके साथ ही बने प्रसूति विभाग में मरीज न होने की स्थिति में यहां पर स्टाफ नर्स ही मौजूद नहीं थी।
कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरम्मत का कार्य चल रहा है। जिस कारण से ही सामान इधर-उधर रखा गया होगा। अस्पताल में अन्य जो समस्याएं है। उसे भी दूर करवाया जा रहा है। सामान्य वार्ड में मरीजों को सभी सुविधाएं दी जा रही है। यदि मरीज को कोई समस्या है इसकी अस्पताल प्रशासन को दें। अस्पताल में बारिश के कारण छत गिरी है। इसे ठीक करवाया जाएगा।
सीएचसी पूंडरी में अल्ट्रासाउंड मशीन व सर्जन नहीं
पूंडरी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नाम बड़ा है लेकिन दर्शन छोटे वाली कहावत सटीक बैठती है। देखने में तो पूंडरी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन शानदार है, लेकिन अस्पताल में सुविधाओं को टोटा है। कस्बा वासी विजय मिगलानी, शमशेर सिंह, शुभम, गुलशन, रघबीर सिंह, सुरेश कुमार, सुशील कुमार व रमेश का कहना है कि अस्पताल में जहां दंत चिकित्सक, हड्डी विशेषज्ञ, सर्जन नहीं होने कस्बावासियों को भारी दिक्कतें आ रही है। लोगों को कैथल, कुरुक्षेत्र व करनाल जाना पड़ रहा है। कस्बावासियों का कहना है कि पूंडरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी के साथ साथ अल्ट्रासाउंड मशीन भी नहीं है। इसके अलावा कई मशीनें धूल फांक रही है।
केवल तीन चिकित्सकों के सहारे चल रहा स्वास्थ्य केंद्र
सीवन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ क्वार्टर बिल्कुल जर्जर अवस्था में हैं। अस्पताल में इस समय चिकित्सकों के आठ पद स्वीकृत हैं। इस समय अस्पताल में केवल तीन चिकित्सक ही कार्य कर रहे हैं। अगले सप्ताह में नए चिकित्सकों की जॉइनिंग होनी है उस समय सीवन के अस्पताल में भी नए चिकित्सक आने की उम्मीद है।
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में छत से टपकता पानी।- फोटो : Kaithal