संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गेहूं कटाई का सीजन शुरू हो चुका है। इसके चलते बिजली निगम ने दिन में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया है, ताकि गेहूं की फसल में होने वाली अग्निकांड की घटनाएं रोकी जा सके। दरअसल, गेहूं की फसल पक कर तैयार है।
कटाई का सीजन शुरू हो गया है। हर साल गेहूं की फसल में अग्निकांड की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका कारण खेतों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार बनते हैं। यदि तार आपस में टकरा जाते हैं तो उनसे निकलने वाली चिंगारी खेत में खड़ी फसल में तांडव मचा सकती है। इससे किसानों की मेहनत कुछ ही समय में राख हो सकती है। इसी कारण बिजली निगम ने एक अप्रैल से कटाई के सीजन में दिन में बिजली बंद कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई खेत ऐसे हैं, जिनके ऊपर से बिजली के हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं। कई जगहों पर ये तार बहुत ढीले हैं। तेज हवा चलने से तार टकराने से फसल में आग लगने की घटनाएं हो जाती हैं। कई बार किसी पक्षी के तार से टकराने से भी चिंगारी उत्पन्न होकर आग का कारण बनती है। इस स्थिति को देखते हुए ही बिजली निगम ने यह व्यवस्था की है। अब सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक बिजली आपूर्ति गांवों के लिए बाधित रहेगी। साथ ही खेतों के लिए भी दिन के समय में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।
किसान इन बातों का रखें ध्यान
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गेहूं के सीजन में मौसम गर्म हो जाता है। हर चीज सूखी रहती है। तेज हवा में आग लगने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। कुछ ही देर में फसल जलकर खाक हो सकती है। इसलिए आग बुझाने का समय बहुत कम रहता है। हमें इसके साथ बचाव पर काम करना चाहिए। यदि किसी खेत में आग लग जाती है तो कच्चे रास्तों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी तेजी से नहीं जा सकती इसलिए किसान को बचाव पर पहले ध्यान देना चाहिए, ताकि आग से फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। खेतों में ट्रांसफार्मर के आसपास सूखी घास या गेहूं की फसल हटा लें। इसके अलावा ट्रांसफार्मर के पास कोई भी तेल या अन्य ज्वलनशील पदार्थ नहीं होना चाहिए। दोपहर के वक्त ट्रैक्टर और कंबाइन चलाने से बचना चाहिए। खेतों में किसान व मजदूर धूम्रपान करने से बचें। यदि बिजली सप्लाई की जरूरत न हो तो ट्रांसफार्मर बंद रखें।
बिजली निगम के एक्सईएन मुनीष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तार अधिकतर खेतों के ऊपर से गुजर रहे हैं। इस कारण बिजली की सप्लाई गेहूं की कटाई के सीजन में बंद रहेगी, जबकि शहरी क्षेत्र में बिजली सुचारू रूप से चलेगी। किसानों की मेहनत बेकार न हो, इसलिए निगम ने यह कदम उठाया है।