फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिहोवा चौक से करनाल रोड बाईपास तक दोनों ओर बिछा है तारों का जाल

विज्ञापन
विज्ञापन
पिहोवा चौक से लेकर करनाल रोड बाईपास चौक तक दोनों ओर तारों का जाल बिछा है। हाई वोल्टेज की इन तारों के संपर्क मेें आते ही उस वस्तु में आग लग जाती है। पिछले वर्ष करनाल रोड पर महाराजा सूरजमल स्टेडियम के सामने बिजली के हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी विद्युत निगम ने सबक नहीं लिया आज भी करनाल रोड पर दोनों ओ मौत की तारें बिछी हुई हैं। इन तारों के कारण कई हादसे हो चुके हैं। उससे पहले से ही यह मांग उठ रही है कि शहर में व्यस्त मार्ग से इन हाईवोल्टेज तारों को हटाया जाए, लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार पिहोवा चौक से लेकर करनाल रोड बाईपास चौक के दोनों ओर 33000, 11000 वोल्टेज की तारें हैं। कई जगहों पर तो इन तारों की दूरी दुकानों और मकानों की छतों से मात्र कुछेक फुट है। ऐसे में शहरवासियों को हर समय डर रहता है कि कहीं कोई व्यक्ति इनकी चपेट में न आ जाए। शहरवासी और दुकानदार आज भी इन तारों को दूर हटाने की मांग कर रहे हैं। जनवरी 2018 में जब यह हादसा हुआ तो उससे पहले ही दिन शहर के लोगों ने इस मुद्दे को निगम के उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम के चेयरमैन के सामने भी रखा था। उस समय उन्होंने जल्द इस संबंध में कार्रवाई का आश्वासन दिया था। आज तक ये तारें दुकानों और मकानों के सामने ज्यों की त्यों लटकी हैं और हादसों को न्योता दे रही हैं।
दो युवा पत्रकारों ने गंवाई थी जान:-तारों की चपेट में आने से 1 दिसंबर 2018 को दो युवा पत्रकार बुरी तरह से जल गए थे। दोनों ने पीजीआई चंडीगढ़ में कई दिनों तक जिंदगी और मौत के साथ संघर्ष किया। लेकिन अंतत: दोनों जिंदगी की जंग हार गए थे। दो युवा पत्रकारों की मौत का मामला उस समय सरकार के संज्ञान में भी लाया गया। उम्मीद थी कि विद्युत निगम इस हादसे के बाद जागेगा। लेकिन कोई सुनवाई होती नहीं दिख रही है।
विज्ञापन

पलंबर भी आया था तार की चपेट में
करनाल रोड स्थित दुकानदार मनोज ने कहा कि पिछले वर्ष एक पलंबर भी बिजली के तारों की चपेट में आ गया था। इसके बाद भी कई हादसे हुए। उनको देखते हुए न तो किसी प्रकार के सुरक्षा प्रबंध पुख्ता किए गए हैं और न ही तारों को हटाने से संबंधित कार्रवाई हुए हैं। अगर तारें बिल्डिंग के पास रहेंगी तो हादसों का अंदेशा ज्यादा रहेगा।
जल्द हटाए जाएं तार दूर-
होटल संचालक यश कुमार ने कहा कि इन तारों को जल्द से जल्द हटाना चाहिए। इनके कारण जहां दो-तीन युवकों की मौत हो चुकी हैं, वहीं कई बार लोग घायल भी हो चुके हैं। या तो इन्हें कहीं और से निकाला जाए या फिर मकानों और दुकानों से थोड़ा दूर हटाया जाए।
कम से कम ईमारतों से हटाया जाए दूर
दुकानदार संजय ने कहा कि इन तारों को अगर यहां से स्थाई तौर पर नहीं हटा सकते तो कम से कम खंभों पर एंगल लगाकर या अन्य तरीके से ईमारतों से दूर हटाया जा सकता है। निगम को ऐसे प्रयास करने चाहिए कि इनका रूट भी न बदलना पड़े और लोगों को समस्या से भी छुटकारा मिल सके।
प्राध्यापक बहादुर सिंह ने कहा कि इन तारों के कारण उनके प्रतिष्ठान के निकट एक हादसा हो चुका है। जरा सा इन तारों की चपेट में आते ही एक मिस्त्री को दूर फेंक दिया था। गनीमत रही कि वह बच गया। विभाग से मांग है कि इन तारों के संबंध में सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।
बिजली निगम के एक्सईएन भूपेंद्र सिंह वधावन ने कहा कि इन तारों को हटाने के लिए निगम की ओर से कोई दूसरा रास्ता ढूंढने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। अभी शहर में ऐसा कोई अन्य रास्ता भी नहीं है कि जहां से तारों को ले जाया जा सके। अगर कोई विकल्प मिलता है तो उसी समय इन्हें यहां से हटाकर शहरवासियों की समस्या का प्रमुखता से समाधान करवाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें